BJP विधायक पर पुजारी का बड़ा आरोप, बोले- 9 दिन पूजा कराई, दक्षिणा में सिर्फ ₹500 दिए, ये कहां का न्याय है?
Thursday, Oct 22, 2026-11:26 AM (IST)
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की मनगवां विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति नवरात्रि के दौरान मंदिर में पूजा-पाठ कराने की दक्षिणा को लेकर विवादों में आ गए हैं। मुंबा देवी मंदिर में पूजा कराने वाले पुजारी अखिलेश पांडे ने आरोप लगाया है कि नौ दिनों तक चले धार्मिक आयोजन के लिए 11 हजार रुपए की दक्षिणा तय की गई थी, लेकिन उन्हें केवल 500 रुपए ही मिले। पुजारी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, मंदिर के मुख्य आचार्य और विधायक के समर्थकों ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
पुजारी ने उठाया दक्षिणा का मुद्दा
पुजारी अखिलेश पांडे का कहना है कि नवरात्रि के दौरान पूजा संपन्न कराने के लिए उनकी दक्षिणा 11 हजार रुपए तय हुई थी। उनके मुताबिक, धार्मिक अनुष्ठान पूरा होने के बाद उन्हें तय रकम के बजाय महज 500 रुपए दिए गए। उन्होंने दूसरे पुजारी को पूरी राशि मिलने का भी दावा किया है।
पुजारी के इन आरोपों से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विवाद का मुख्य मुद्दा तय की गई दक्षिणा और वास्तव में दी गई राशि के बीच का अंतर है।
मुख्य आचार्य ने बताई भुगतान की दूसरी तस्वीर
मामले में मुंबा देवी मंदिर के मुख्य आचार्य पंडित संजीव उर्मालिया ने विधायक का बचाव किया है। उनका कहना है कि संबंधित पुजारी को प्रतिदिन 500 रुपए दिए जाते थे। इस हिसाब से नौ दिनों के दौरान कुल 4,500 रुपए का भुगतान किया गया।
मुख्य आचार्य ने यह भी कहा कि नवरात्रि का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। उनके बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच अंतर और स्पष्ट हो गया है।
विधायक की ओर से भी आरोपों को निराधार बताया गया है। हालांकि, दक्षिणा की राशि को लेकर दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास बना हुआ है।
आखिर कितना तय हुआ था दक्षिणा का भुगतान?
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या नौ दिनों के पूजा आयोजन के लिए वास्तव में 11 हजार रुपए की दक्षिणा तय हुई थी या प्रतिदिन 500 रुपए देने की व्यवस्था थी। पुजारी अखिलेश पांडे का दावा पहली बात पर आधारित है, जबकि मुख्य आचार्य और विधायक के पक्ष से जुड़े लोगों का कहना है कि भुगतान प्रतिदिन किया गया था।
फिलहाल, सामने आए बयानों के आधार पर दोनों पक्षों की बातों में अंतर दिखाई दे रहा है। विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए दक्षिणा तय होने और भुगतान से संबंधित तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

