CM मोहन की मुंबई में उद्योग प्रतिनिधियों से खास मुलाकात, 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हासिल
Thursday, Oct 08, 2026-10:14 PM (IST)
(मुंबई): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं और औद्योगिक सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। राज्य सरकार नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए आवश्यक सहयोग एवं अनुमतियां समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि, अधोसंरचना और कुशल कार्यबल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम में नीचे दिए गए निवेशकों से भी मुलाकात की। उन्होंने निवेश योजनाओं और औद्योगिक विस्तार पर चर्चा करते हुए प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विभिन्न उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ दिनभर हुई बैठकों में मध्यप्रदेश को लगभग ₹90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
जेएसडब्ल्यू समूह ने सीमेंट, पेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार में दिखाई रुचि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जेएसडब्ल्यू समूह के पार्थ जिंदल ने प्रदेश में समूह की मौजूदा औद्योगिक उपस्थिति और विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। समूह की गतिविधियों में ग्वालियर में पेंट, धार में इस्पात, पन्ना में चूना पत्थर खनन तथा दमोह के गैसाबाद और हटा में सीमेंट से जुड़े कार्य शामिल हैं।
बैठक में सीमेंट, पेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार, प्रगतिरत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा भविष्य के रणनीतिक निवेश अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह ने परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
अक्षय ऊर्जा और भंडारण में अवादा का ₹22,156 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
अवादा समूह के अध्यक्ष प्रशांत चौबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौर, पवन, नियमित उपलब्धता वाली नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर चर्चा की। समूह वर्ष 2013-14 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है। नीमच में 151 मेगावाट और आगर सोलर पार्क में 280 मेगावाट की सौर परियोजनाएं इसकी मौजूदा उपस्थिति का हिस्सा हैं।
समूह ने कुल 2,362 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए ₹22,156 करोड़ का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें पचोरा में ₹6,616 करोड़, ईशानगर में ₹3,250 करोड़ और नीमच में ₹12,290 करोड़ का निवेश शामिल है।
बैठक में परियोजनाओं के शीघ्र पंजीकरण, समूह की कंपनियों एवं विशेष प्रयोजन संस्थाओं द्वारा पंजीकरण के उपयोग, शासकीय भूमि आवंटन और भूमि अधिकारों के पट्टे अथवा हस्तांतरण की अनुमति पर चर्चा हुई। आगर मालवा में पवन ऊर्जा पंजीकरण को 201.3 मेगावाट से बढ़ाकर 264 मेगावाट करने तथा समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एकल-खिड़की सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की गई।
पीथमपुर में एनक्यूब एथिकल्स का ₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव
एनक्यूब एथिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मेहुल मधुसूदन शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फार्मास्यूटिकल विनिर्माण के विस्तार पर चर्चा की। कंपनी की मध्यप्रदेश में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में इकाई है।
कंपनी ने दो फार्मा परियोजनाओं के लिए ₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिनसे 800 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें मौजूदा पीथमपुर इकाई का द्वितीय चरण का विस्तार और समीपवर्ती 20 एकड़ से अधिक भूमि पर स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक अर्थात आंखों की दवाओं की नई विनिर्माण सुविधा शामिल है। नई इकाई के लिए भूमि आवंटित है। परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में राज्य सरकार के सहयोग और मध्यप्रदेश को कंपनी के विनिर्माण एवं निर्यात आधार के रूप में विस्तार देने पर विचार-विमर्श हुआ।
छिंदवाड़ा में हिंदुस्तान यूनिलीवर का ₹800 से ₹1,000 करोड़ का विस्तार प्रस्ताव
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, सप्लाई चेन, दक्षिण एशिया, श्री योगेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से छिंदवाड़ा की लहगडुआ स्थित इकाई के विस्तार पर चर्चा की। दैनिक उपयोग की उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र की कंपनी की यह इकाई देश में उसके बड़े विनिर्माण संयंत्रों में शामिल है।
कंपनी ने सर्फ एक्सेल और व्हील के लिए नई स्प्रे-ड्राइड डिटर्जेंट विनिर्माण सुविधा में भूमि की लागत को छोड़कर ₹800 से ₹1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वर्ष 2027 से 2030 के बीच चरणबद्ध विकास और 5 से 8 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता प्रस्तावित है। इससे लगभग 700 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों की संभावना है।
परियोजना के लिए 35 से 40 एकड़ भूमि, प्रतिदिन 1,000 किलोलीटर पानी और 5,000 केवीए विद्युत क्षमता की आवश्यकता बताई गई। शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन पद्धति अपनाने तथा मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना-2025 के अंतर्गत अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और विस्तार में सहयोग पर भी चर्चा हुई।
ग्वालियर में ₹200 करोड़ की दूरसंचार उपकरण इकाई का प्रस्ताव, महिला रोजगार पर विशेष जोर
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रा शेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से दूरसंचार उपकरण एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। कंपनी ने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹200 करोड़ की एआई-संचालित, निर्यातोन्मुख दूरसंचार उपकरण विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रस्तावित इकाई का 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात के लिए निर्धारित करने की योजना है। लगभग 1,000 रोजगार अवसरों के साथ कार्यबल में 70 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत दिव्यांगजन की भागीदारी की परिकल्पना की गई है। बैठक में इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पर विचार-विमर्श हुआ।
ब्लैकस्टोन और वनराज रियल्टी ने लॉजिस्टिक्स एवं रियल एस्टेट में निवेश की संभावनाएं तलाशीं
ब्लैकस्टोन के प्रबंध निदेशक आलोक जैन और वनराज रियल्टी एलएलपी के राजीव अजमेरा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। ब्लैकस्टोन की प्रदेश में अभी उपस्थिति नहीं है।
लगभग ₹500 से ₹1,000 करोड़ के संभावित निवेश के संदर्भ में प्रमुख स्थानों पर उपयुक्त राजस्व भूमि उपलब्ध कराने, प्रोत्साहन प्रक्रिया की स्पष्टता तथा आवश्यक अनुमतियों और स्वीकृतियों के शीघ्र निराकरण पर विचार-विमर्श हुआ।
सिफी ने मध्यप्रदेश में हाइपरस्केल और एआई-रेडी डेटा सेंटर में दिखाई रुचि
सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के डेटा सेंटर व्यवसाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शरद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रदेश में डेटा सेंटर अवसंरचना विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
कंपनी ने हाइपरस्केल, एआई-रेडी और एज डेटा सेंटर स्थापित करने में रुचि व्यक्त की। इसके लिए विश्वसनीय बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, फाइबर कनेक्टिविटी और भविष्य में विस्तार की सुविधा वाली भूमि की आवश्यकता बताई गई। भूमि, पात्र प्रोत्साहनों और समयबद्ध प्रस्ताव के लिए एकल-खिड़की सहयोग पर भी संवाद हुआ।
इन्फ्रा मार्केट का निर्माण सामग्री क्षेत्र में ₹200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
हेला इन्फ्रा मार्केट लिमिटेड के सह-संस्थापक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी निदेशक सौविक सेनगुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से निर्माण सामग्री क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। कंपनी वर्ष 2016 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है।
कंपनी ने ₹200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिससे लगभग 250 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। विनिर्माण विस्तार, स्थानीय आपूर्ति शृंखला और उपयुक्त औद्योगिक स्थानों की पहचान पर विचार-विमर्श हुआ। भूमि, अधोसंरचना, अनुमतियों और पात्र प्रोत्साहनों के संबंध में राज्य सरकार के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई।
डी एंड एच इंडिया का इंदौर के निकट ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
डी एंड एच इंडिया लिमिटेड के निदेशक सौरभ वोरा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वेल्डिंग सामग्री और सहायक विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की। कंपनी वर्ष 1974 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है और इसके कार्यालय मुंबई तथा इंदौर में हैं।
कंपनी ने इंदौर के निकट लगभग 25 एकड़ भूमि पर ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इससे करीब 500 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, भूमि, अधोसंरचना, आवश्यक स्वीकृतियों और पात्र प्रोत्साहनों पर विचार-विमर्श हुआ।
ई-बस, बायोगैस और स्मार्ट मीटर परियोजनाओं में एवरसोर्स का ₹3,500 करोड़ का प्रतिबद्ध निवेश
एवरसोर्स कैपिटल की कार्यकारी निदेशक खुशबू शाहानी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हरित अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश और नई संभावनाओं पर चर्चा की। समूह की परियोजनाएं इलेक्ट्रिक बसों, संपीड़ित बायोगैस और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
प्रदेश में समूह का लगभग ₹3,500 करोड़ का प्रतिबद्ध निवेश प्रगतिरत है, जिससे करीब 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों की संभावना है। ग्रीनसेल के माध्यम से पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 682 इलेक्ट्रिक बसों में लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश शामिल है। एवरएनवायरो के इंदौर और प्रस्तावित भोपाल बायोगैस संयंत्रों से लगभग ₹350 करोड़ का निवेश जुड़ा है। एनर्जीमार्क और अल्फानार के माध्यम से भोपाल एवं जबलपुर की बिजली वितरण कंपनियों के लिए 23 लाख स्मार्ट मीटर परियोजनाओं में करीब ₹1,200 करोड़ का निवेश है। बैठक में प्रगतिरत परियोजनाओं की क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों के समाधान, निवेश विस्तार और नए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
मीरा कॉटन का ₹2,000 करोड़ का टेक्सटाइल निवेश प्रस्ताव, 4 हजार रोजगार की संभावना
मीरा कॉटन एंड सिंथेटिक मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जय जयेश शाह ने अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जयेश शाह के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव से टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। कंपनी पॉलिएस्टर टेक्सचर्ड यार्न, निटेड फैब्रिक और गारमेंट का एकीकृत विनिर्माण करती है। इसके संयंत्र भिवंडी और सिलवासा में हैं। कंपनी ने मध्यप्रदेश में ₹2,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिससे लगभग 4,000 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। नई इकाई की स्थापना और संचालन को सुगम बनाने के लिए अधोसंरचना तथा पात्र प्रोत्साहनों से संबंधित सहयोग पर चर्चा हुई।
सनटेक रियल्टी ने जीसीसी, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स में दिखाई निवेश की रुचि
सनटेक रियल्टी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमल खेतान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से रियल एस्टेट और शहरी अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। कंपनी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र तथा लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में रुचि व्यक्त की। बैठक में उपयुक्त राजस्व भूमि उपलब्ध कराने, पात्र प्रोत्साहनों की प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों एवं स्वीकृतियों के शीघ्र निराकरण पर विचार-विमर्श हुआ।
इंडियन डायमंड सीमेंट का ₹3,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव
इंडियन डायमंड सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक रुद्र प्रताप त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीमेंट एवं अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। कंपनी की मध्यप्रदेश के सतना में उपस्थिति है। कंपनी ने ₹3,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिससे 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। पन्ना जिले की गुनौर तहसील में लगभग 1,000 एकड़ भूमि के स्वामित्व से जुड़े विषयों और खनिज ब्लॉक पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई। भूमि एवं पानी की उपलब्धता, परियोजना शीघ्र प्रारंभ करने के लिए एकल-खिड़की स्वीकृतियों तथा बिक्री कर एवं अन्य प्रोत्साहनों पर भी चर्चा हुई।

