MP में नाबालिग खिलाड़ी से कोच ने की घिनौनी हरकत, परिजनों के उड़े होश
Tuesday, Jun 16, 2026-11:21 AM (IST)
हरदा (राकेश खरका): मध्यप्रदेश के हरदा में से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक नाबालिक कबड्डी खिलाड़ी के साथ अश्लील हरकतें की गई। आरोप है कि कोच ने घर पर बुलाकर छेड़खानी की गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो तथा छेड़खानी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, हरदा जिले की टिमरनी तहसील की एक नाबालिक कबड्डी खिलाड़ी ने अपने ही कोच अंकित जोशी के खिलाफ थाने में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया है कि वह पिछले 5 वर्षों से अंकित जोशी के पास कबड्डी का प्रशिक्षण ले रही है। बताया कि अंकित जोशी नेशनल कबड्डी रेफरी है और टिमरनी नगर में पूर्व BJP के स्पोर्ट प्रकोष्ट का नगर अध्यक्ष भी है। आरोप है कि 24 मई को कोच अंकित जोशी ने लड़की को अपने घर खाना बनाने के बहाने बुलाया था।
इसी दौरान अंकित जोशी ने नाबालिग के साथ छेड़खानी तथा अश्लील हरकतें की। घटना के बाद से ही नाबालिग खिलाड़ी ने डर के कारण कबड्डी के अभ्यास के लिए ग्राउंड पर जाना बंद कर दिया। परिवार के पूछने पर घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। जब परिजनों ने जोर देकर कहा कि वह कबड्डी के अभ्यास के लिए ग्राउंड क्यों नहीं जा रही है, तब बालिका ने कोच की इस घिनौनी हरकत के बारे में अपने परिजनों को सारी बातें बताइए।
इसके बाद परिजन पीड़िता को लेकर टिमरनी थाना पहुंचे और आरोपी कोच के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। टिमरनी की SDOP आकांक्षा तलया ने बताया कि नाबालिक की शिकायत पर आरोपी कोच अंकित जोशी के खिलाफ BNS की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
वहीं, आरोपी अंकित जोशी ने अपने पर लगे सभी आरोपी को निराधार बताते हुए कहा कि यह मुझे बदनाम करने की साजिश है। कहा कि उसे झूठे आरोप लगाकर फंसाया जा रहा है। अंकित जोशी ने अपनी सफाई में कहा कि मेरे घर लगे सीसीटीवी कैमरे में सारा रिकॉर्ड है। जिससे पता लगाया जा सकता है कि मेरे घर कौन आया और कौन गया। जिससे सारे मामले की निष्पक्ष जांच की जा सकती है ।
टिमरनी स्पोर्ट्स क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में नगर पंचायत के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यह जो घटना है, उसकी वह कड़ी निंदा करते हैं। कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। अगर आरोपी कोच दोषी है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और अगर प्रकरण झूठा है तो कोच को न्याय मिलना चाहिए।

