Punjab Kesari MP ads

MP में कलेक्टर का सिंघम एक्शन, एक साथ 3 तहसीलदारों, 2 नायब तहसीलदारों और 3 पंचायत सचिवों पर गिराई गाज

Monday, Jul 13, 2026-11:15 PM (IST)

छतरपुर (राजेश चौरसिया): कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान शासकीय कार्यों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने समय-सीमा से बाहर होने वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए 3 तहसीलदारों, 2 नायब तहसीलदारों और 3 पंचायत सचिवों पर सीधे आर्थिक जुर्माना (पेनल्टी) ठोक दिया है। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोक सेवा गारंटी और जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर इन अधिकारियों और सचिवों पर लगा जुर्माना..

बैठक में लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा पार कर चुके प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने दोषी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर पेनल्टी अधिरोपित की:

नायब तहसीलदार: पठा के नायब तहसीलदार पर 1000 रुपए तथा ज्यौराहा के नायब तहसीलदार पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

तहसीलदार: राजनगर, छतरपुर और गौरिहार के तहसीलदारों पर 500-500 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है।

पंचायत सचिव: पठापुर, गौरैया एवं खंडवन ग्राम पंचायत के सचिवों पर भी 500-500 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

अति वर्षा के पूर्व क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों को दुरुस्त करने और मुनादी कराने के निर्देश..

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आगामी भारी बारिश के मौसम के दृष्टिगत निर्माण विभागों (पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीआईयू आदि) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सड़कों, पुलों और पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अति वर्षा के पूर्व ही आवश्यक मरम्मत और तैयारियां सुनिश्चित करें। जिले के संभावित डूब क्षेत्र वाले विकासखंडों— बड़ामलहरा, बिजावर एवं बक्सवाहा में पहले से ही मुनादी कराने, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने, उनके ठहरने के लिए आश्रय स्थल (राहत शिविर), भोजन, मेडिकल टीम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जिले के सभी जर्जर स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों का पहले से ही चिन्हांकन कर बारिश के पूर्व उनके ध्वस्तीकरण (गिराने) की कार्रवाई करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य केंद्र रहें दुरुस्त; प्राइवेट क्लीनिकों पर सरकारी डॉक्टरों के नाम की होगी जांच..

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम को देखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार) को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बरतने और अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 100% उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके और किसी भी केंद्र पर कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) की स्थिति निर्मित न हो। इसके साथ ही, एसडीएम को सीएमएचओ के साथ संयुक्त रूप से उन प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके बोर्ड पर सरकारी अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टरों के नाम दर्ज होने संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग और निकायों में बेसमेंट निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध..

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कलेक्टर ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) को स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से निजी विद्यालयों की बसों का एक सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में बसों की सुरक्षा व्यवस्था, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य निर्धारित मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी। नगरीय विकास की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए कि ऐसे वार्ड जहां सड़क, नाली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां तत्काल आवश्यक विकास कार्य शुरू कराएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अब बेसमेंट निर्माण को लेकर किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान न की जाए और यदि कोई अवैध रूप से बेसमेंट का निर्माण करता है, तो उस पर सख्ती से भारी पेनल्टी लगाई जाए।

सीएम हेल्पलाइन, केन-बेतवा लिंक परियोजना और नीति आयोग के कार्यों की समीक्षा..

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को त्वरित निराकरण कर जिले की ग्रेडिंग में सुधार करने को कहा। छतरपुर और गौरिहार के जनपद सीईओ को समग्र आईडी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए गए। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण हेतु शेष रह गए गांवों की धारा-21 के प्रकाशन की कार्रवाई तेज करने तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के सॉइल हेल्थ कार्ड (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए गए। हिट एंड रन के मामलों में एसडीएम को पुलिस विभाग के समन्वय से पीड़ितों के लिए राशि स्वीकृत कराने को कहा गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज के कार्य में फर्नीचर टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर कलेक्टर ने ईई पीआईयू (EE PIU) के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

बैठक में नीति आयोग के डीएमएफ (DMF) फंड से संचालित कार्यों जैसे— मशरूम एवं स्ट्रॉबेरी प्रोजेक्ट, छतरपुर ऑडिटोरियम, हनी कल्टीवेशन (मधुमक्खी पालन), छतरपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) के कार्यों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अंत में, जिले में एसडीएम और बीएमओ को जनप्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक स्तर पर ब्लड डोनेशन ड्राइव (रक्तदान शिविर) चलाने तथा इन शिविरों में टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित करने के भी निर्देश दिए गए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Desh Raj

Related News