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अचानक निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर साहब स्कूल की व्यवस्था देख हुए हैरान, फौरन प्रभारी हेडमास्टर को किया सस्पेंड

Saturday, Oct 24, 2026-06:22 PM (IST)

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने सख्त रुख अपनाया है। 23 अक्टूबर को शासकीय कन्या प्राथमिक शाला महेबा के आकस्मिक निरीक्षण में शैक्षणिक स्तर, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलीं। इस पर कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक छिमाधर अहिरवार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, संकुल अकादमिक समन्वयक (CAC) मनमोहन अहिरवार के निलंबन का प्रस्ताव सागर संभाग भेजा गया है। तीन शिक्षिकाओं, एक अन्य सीएसी और बीआरसीसी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

100 दर्ज विद्यार्थियों में मौके पर मिले सिर्फ 40

निरीक्षण के दौरान स्कूल में दर्ज 100 विद्यार्थियों के मुकाबले केवल 40 बच्चे उपस्थित मिले। कलेक्टर ने कक्षा 2 की एक छात्रा से हिंदी वाचन और गणित के बुनियादी सवाल हल करवाए, लेकिन वह कक्षा के अनुरूप दक्षता प्रदर्शित नहीं कर सकी। इसके विपरीत FLN ट्रैकर के रिकॉर्ड में छात्रा को पूरी तरह दक्ष बताया गया था। अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला। इससे विद्यार्थियों की वास्तविक दक्षता और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के बीच अंतर सामने आया।

मिड-डे मील के बर्तन गंदे, भोजन की मात्रा भी कम मिली

स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान रसोई और बच्चों को खाना परोसने वाले बर्तन गंदे पाए गए। वहीं, उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में भोजन की मात्रा भी कम बताई गई। स्कूल परिसर और भवन के रखरखाव में भी लापरवाही सामने आई। इन खामियों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित, सीएसी पर भी कार्रवाई

निरीक्षण में मिली अनियमितताओं के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक छिमाधर अहिरवार को निलंबित कर दिया गया। स्कूलों की निगरानी में लापरवाही के आरोप में संकुल अकादमिक समन्वयक मनमोहन अहिरवार के निलंबन का प्रस्ताव संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, सागर संभाग को भेजा गया है।

तीन शिक्षिकाओं और सीएसी को नोटिस

शैक्षणिक गुणवत्ता में लापरवाही को लेकर शिक्षिकाओं चित्रा शुक्ला, आशा दीक्षित और आरती तिवारी तथा सीएसी महिपाल प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनकी एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण में लापरवाही के मामले में बीआरसीसी सरस्वती प्रसाद तिवारी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

कलेक्टर के निरीक्षण के बाद हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप है। प्रशासन का जोर अब स्कूलों में विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक दक्षता, नियमित उपस्थिति और मध्याह्न भोजन सहित बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर है।


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Content Writer

meena

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