राज्यसभा सीट की लड़ाई लड़ते कांग्रेस की कलह उजागर,दिग्विजय के समर्थन में पोस्टों से हलचल, दिग्गज नेता पर उठाए सवाल
Thursday, Jun 11, 2026-10:39 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को लेकर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस इसको लेकर बीजेपी पर हमलावर है और घेर भी रही है लेकिन इसी बीच अब कांग्रेस में ही गुटबाजी देखने को मिल रही है। कांग्रेस के कई नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है, इसका हवाला दे रहे हैं। नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर ही असंतोष देखने को मिल रहा है और दिग्विजय सिंह के समर्थक उनके लए पोस्ट करके कुछ संकेत देने की कोशिस कर रहे है। इन पोस्टों से पता चल रहा है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है.
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के काम पर सवाल
दरअसल दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने प्रदेश प्रभारी के कामकाज पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जी हां प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को लेकर दिग्गी समर्थक मुखर होने लगे हैं। दरअसल कांग्रेस की पिछले दिनों हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस की काफी कुछ बयान कर गई थी। इस कांफ्रेस में दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच तनातनी देखने को मिली थी। दरअसल दिग्विजय हाथ के इशारे से किसी को माइक देने को लेकर कुछ कहना चाहते थे लेकिन प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद जब जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह की ओर बोलने के लिए माइक किया तो दिग्गी ने साफ मना कर दिया और ये वीडियो काफी वायरल हो गया। दिग्गी के साथ इस तरह का व्यवहार उनके समर्थकों को अच्छा नहीं लगा और वो दिग्गी राजा के समर्थन मे पोस्ट करने लगे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने का पोस्ट

इसी सिलिसिले में कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला का मीडिया पोस्ट राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर रहा है।

इ पोस्ट में पा से पर्यटक, पा से प्रभारी लिखते हुए दोनों में कितनी समानताएं हैं लिखा गया है। यह तंज प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से सीधा जोड़ा जा रहा है। अवनीश सिंह बुंदेला ने एक और पोस्ट किया है जिसमें दिग्विजय सिंह की तारीफों के पुल बांधे हैं। उन्होंने लिखा है कि गजब की सहनशक्ति है आदरणीय दिग्विजय सिंह जी आपमें, वाकई आपको राजा ऐसे ही नहीं कहा जाता है
कांग्रेस नेता योगेंद्र सिंह का पोस्ट भी चर्चा भी

इसके बाद दिग्विजय सिंह के समर्थन में योगेंद्र सिंह ने लिखा कि राजा साहब हमारे मार्गदर्शक और अभिभावक हैं, उनका अपमान हमारा व्यक्तिगत अपमान है, फिर चाहे वह कोई भी नेता हो, हमारे लिए उसका कोई महत्व नहीं है।
लिहाजा राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना कांग्रेस की कलह और गुटबाजी को दर्शा रहा है। पार्टी के भीतर नेतृत्व, और संगठन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दिग्विजय समर्थक कुछ नेता चुनावी प्रबंधन में चूक को लेकर संकेत दे रहे हैं और दिग्गी के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। लिहाजा ये असंतोष कहां तक जाता है समय बताएगा।

