पूर्व BJP मंडल अध्यक्ष को जुआरी बताने के लिए रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का आरोप, MP में SI-आरक्षक सस्पेंड
Thursday, Oct 22, 2026-03:27 PM (IST)
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष और बस्तूरी गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ जुए के मामले में की गई कार्रवाई के दौरान सरकारी दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर किए जाने का आरोप लगा है। मामले की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने एक उप निरीक्षक और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। दोनों को रक्षित केंद्र भेज दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान तत्कालीन लांच थाना प्रभारी उप निरीक्षक शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों ने भगुवापुरा थाने में सुरक्षित रखी ग्राम अपराध पुस्तिका में बदलाव कर सुरेंद्र सिंह चौहान के रिकॉर्ड को प्रभावित करने की कोशिश की। इस प्रकरण ने पुलिस की कार्रवाई और सरकारी अभिलेखों के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घर से उठाने का आरोप, जुए के मामले में बनाया आरोपी
यह विवाद सुरेंद्र सिंह चौहान की शिकायत के बाद सामने आया। चौहान ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें जुए के फड़ से पकड़ने के बजाय उनके घर से उठाया और बाद में जुए के प्रकरण में आरोपी बना दिया। उन्होंने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए चंबल रेंज के डीआईजी सुनील कुमार जैन से शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, डीआईजी सुनील कुमार जैन स्वयं बस्तूरी गांव पहुंचे और करीब दो घंटे तक मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। इस दौरान लगभग एक दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए गए। बताया गया कि स्थानीय लोगों के बयानों से पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल सामने आए, जिसके बाद जांच का दायरा सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचा।
ग्राम अपराध पुस्तिका में बदलाव की जांच
जांच के दौरान भगुवापुरा थाने में रखी ग्राम अपराध पुस्तिका और रोजनामचे में दर्ज जानकारियों का मिलान किया गया। आरोप है कि 12 सितंबर की रात, भगुवापुरा थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में तत्कालीन लांच थाना प्रभारी शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह थाने पहुंचे थे।
दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बस्तूरी गांव से संबंधित वर्ष 2024 और 2025 की वार्षिक टिप्पणियों वाले पन्नों में कथित तौर पर बदलाव किया। जांच में दस्तावेजों की लिखावट और उनकी बनावट में अंतर पाए जाने की बात सामने आई है। इसी आधार पर सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की आशंका को गंभीरता से लिया गया। हालांकि, इन आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग के भीतर जांच और कार्रवाई का विषय बना हुआ है।
एसपी ने की निलंबन की कार्रवाई
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने उप निरीक्षक शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद दोनों को रक्षित केंद्र भेज दिया गया है।
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत से शुरू हुआ यह मामला अब कथित दस्तावेजी हेरफेर तक पहुंच गया है। सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव के आरोपों के चलते पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हो रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि कथित छेड़छाड़ के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका किस हद तक रही।

