UPSC ने मुख्य सचिव को भेजा नोटिस, DGP नियुक्ति पर सवाल
Sunday, Mar 15, 2026-09:28 PM (IST)
रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति अब तक अधर में लटकी हुई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा कि आखिर क्यों अब तक कोई पूर्णकालिक DGP नहीं नियुक्त किया गया।
UPSC ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 3 जुलाई 2018 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अब और विलंब स्वीकार्य नहीं। आयोग ने पूछा कि अगर देरी हुई है तो उसका ठोस कारण क्या है।
क्या हुआ अब तक?
13 मई 2025 को UPSC ने दो नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था।
नियमानुसार पैनल में से किसी एक को तुरंत पूर्णकालिक DGP बनाना था।
5 फरवरी 2025 को अरुण देव गौतम (IPS Arun Dev Gautam) को DGP तो नियुक्त किया गया, लेकिन प्रभारी ही बना दिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी राज्य में प्रभारी DGP की परंपरा नहीं चलेगी।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
5 फरवरी 2026 को ‘टी धंगोपल राव बनाम UPSC’ मामले की सुनवाई में कोर्ट ने साफ किया:
नियुक्ति में देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अगली सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ सरकार को दो विकल्प हैं:
अरुण देव गौतम को पूर्णकालिक DGP नियुक्त करना, या UPSC और अदालत को ऐसा ठोस कारण बताना जो संतोषजनक हो। ऐसा न होने पर मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।

