धमधा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा का औचक निरीक्षण, स्कूलों में दिखी सख्ती और संवाद की नई पहल
Thursday, Feb 26, 2026-08:19 PM (IST)
धमधा (हेमंत पाल) : धमधा ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक और सख्त कदम उठाते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अथर्व शर्मा ने पूर्व माध्यमिक शाला बिरझापुर, पूर्व माध्यमिक शाला राजपुर तथा प्राथमिक शाला बिरझापुर का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल औपचारिकता निभाने के बजाय कक्षा में पहुंचकर सीधे बच्चों से संवाद किया। परीक्षा की तैयारियों को लेकर विद्यार्थियों से सवाल पूछे, उनकी कॉपियां देखीं और शिक्षकों से शैक्षणिक गुणवत्ता पर चर्चा की। बच्चों से यह भी पूछा गया कि वे जीवन में आगे क्या बनना चाहते हैं और अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं।
बच्चों को पढ़ाया, बढ़ाया उत्साह
निरीक्षण के दौरान BEO शर्मा ने स्वयं बच्चों को कुछ विषयों पर पढ़ाया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन और स्पष्ट लक्ष्य जरूरी है। बच्चों के साथ यह आत्मीय संवाद उन्हें न केवल प्रेरित करता नजर आया बल्कि शिक्षकों को भी जिम्मेदारी का एहसास कराता दिखा।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांची
स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और मेन्यू के अनुसार वितरण की जानकारी ली गई। रसोई व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
समयपालन और व्यवस्था पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, समय पर स्कूल पहुंचने और विद्यालय के रखरखाव की भी समीक्षा की गई। BEO शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धमधा ब्लॉक के किसी भी विद्यालय में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा के स्तर से समझौता नहीं होगा।
शिक्षा विभाग में बढ़ी सक्रियता
जब से अथर्व शर्मा ने धमधा ब्लॉक में बीईओ का पदभार संभाला है, शिक्षा विभाग में लगातार निरीक्षण और अनुशासन की प्रक्रिया तेज हुई है। लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं नियमित और समर्पित शिक्षकों को सकारात्मक माहौल का लाभ मिल रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में यह पहल अभिभावकों के लिए भी भरोसे का संदेश देती है। अब देखना होगा कि इस सख्ती और संवाद का असर आने वाले समय में परीक्षा परिणाम और विद्यालयीन वातावरण पर किस रूप में दिखाई देता है।

