Punjab Kesari MP ads

2026-27 में नहीं खुलेगी एक भी नई दुकान, 20% महंगा होगा लाइसेंस बेस प्राइस, ई-टेंडर से तय होगी किस्मत

Friday, Feb 20, 2026-12:19 PM (IST)

भोपाल: आगामी वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नई नीति में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, जालसाजी रोकना और राजस्व व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है।

सरकार ने नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी तक मदिरा दुकानों पर प्रतिबंध को यथावत रखा है। इसके साथ ही पवित्र नगरों में भी शराब दुकानों पर रोक जारी रहेगी। कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई नई मदिरा दुकान नहीं खोली जाएगी और दुकानों के अहाते पूर्ववत बंद रहेंगे। नई नीति के तहत मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। अब राज्य की सभी 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। ई-टेंडर के लिए आरक्षित मूल्य वर्तमान वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़ाकर निर्धारित किया जाएगा। ई-टेंडर प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। अधिकतम पांच दुकानों का एक समूह बनाया जाएगा और जिलों के समूहों को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। प्रत्येक बैच में अलग-अलग चरणों में ई-ऑक्शन की कार्रवाई होगी। जालसाजी की आशंका को खत्म करने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में केवल ई-चालान या ई-बैंक गारंटी को ही मान्य किया जाएगा। साधारण बैंक गारंटी और सावधि जमा (FD) स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि मदिरा की ड्यूटी दरें, विनिर्माण इकाइयों और बार की लाइसेंस फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

निर्यात और व्यवसाय सुगमता पर जोर
नई नीति में निर्यात प्रोत्साहन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। मदिरा विनिर्माताओं को अब अपने उत्पाद की कीमत के लिए पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। वे पोर्टल के माध्यम से स्वयं कीमत घोषित कर सकेंगे।

विदेशों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए फीस में संशोधन और लेबल पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। साथ ही प्रदेश के जनजातीय स्व-सहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इसके बदले उन राज्यों की हेरिटेज या विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने की व्यवस्था की गई है। नई आबकारी नीति को पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि और सांस्कृतिक-सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बताया जा रहा है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vikas Tiwari

Related News