भावांतर को लेकर किसानों का छलका दर्द, कहा- पंजीयन हो गया लेकिन फसलें नहीं खरीद रही सरकार
Friday, Apr 24, 2026-05:04 PM (IST)
भोपाल : मध्यप्रदेश में इस वर्ष सरसों खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य के बजाय भावांतर योजना के तहत करने के निर्णय के बावजूद बैतूल जिले में अब तक खरीदी शुरू नहीं होने से 2477 पंजीकृत किसान असमंजस में हैं। जानकारी के अनुसार किसानों ने सरसों विक्रय के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया है, लेकिन बार-बार तिथियां घोषित होने के बाद भी खरीदी शुरू नहीं हो सकी। पहले 23 मार्च से खरीदी प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी, जिसके लिए कृषि उपज मंडी में तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं, लेकिन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इसके बाद एक अप्रैल और फिर 16 अप्रैल की तिथियां घोषित की गईं, परंतु इन पर भी खरीदी शुरू नहीं हो पाई। कृषि उपज मंडी बैतूल के सचिव सुरेश कुमार परते के अनुसार न केवल बैतूल, बल्कि प्रदेश में कहीं भी भावांतर योजना के तहत सरसों खरीदी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मंडी पोटर्ल पर खरीदी को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं हैं और आगामी आदेश तक प्रक्रिया स्थगित है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन वर्ष के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 250 रुपए बढ़ाकर 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। वहीं भावांतर योजना के तहत किसानों को मंडी में फसल बेचनी होती है और यदि बाजार मूल्य एमएसपी से कम रहता है तो अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है। वर्तमान में जिले की मंडियों में सरसों के दाम एमएसपी से नीचे बने हुए हैं। कृषि उपज मंडी बैतूल में हाल के दिनों में सरसों के भाव 5870 से 5950 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए हैं। इसके बावजूद किसान इस उम्मीद में उपज बेच रहे हैं कि उन्हें भावांतर योजना के तहत अंतर राशि का भुगतान मिलेगा। खरीदी शुरू नहीं होने और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। यदि शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

