छतरपुर में बोरवेल में गिरे दीपेंद्र के पिता और दादा पर FIR, मानव हत्या के प्रयास के लगे आरोप

6/30/2022 7:38:19 PM

छतरपुर(राजेश चौरसिया): बुधवार को खेत में बने बोर से बच्चे को सकुशल निकालने के बाद छतरपुर प्रशासन ने बोर को खुला छोडने वाले दीपेंद्र के दादा और पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बता दें कि कल बुधवार 29 जून 2022 को थाना ओरछा रोड़ क्षेत्र के ग्राम नारायणपुरा में रमेश यादव के खेत में उसी का 4-5 साल का पोता (बेटे का बेटा) बालक दीपेंद्र यादव खुले बोर में गिर गया था जिससे उसकी जान पर बन आई थी।

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कलेक्टर के सुपरवीजन में रेस्क्यू…
उक्त पूरे रेस्क्यू मामले में कलेक्टर संदीप जी.आर. के नेतत्व में समस्त प्रशासनिक अमला और एस.पी. सचिन शर्मा के निर्देशन में पुलिस अमला, छतरपुर CMO ओमपाल सिंह भदौरिया सहित एवं SDRF, एवं NDRF की टीमों के साथ जे.सी.बी. मशीनों एवं पोकलेन मशीनों के द्वारा रेस्क्यू कार्य संपन्न किया गया। और करीब 7 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के पश्चात बच्चे को सकुशल बाहर निकाला गया।

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बोर किया बंद…
रेस्क्यू के बाद खेत में जे.सी.बी. मशीनों द्वारा खोदे गये हिस्से को समतल कराया गया और बोर को भी बंद कर दिया गया।

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पिता-पुत्र पर मामला दर्ज…
मामले में बोर ऐसी क्षति कारित करने के आशय एवं ज्ञान से बिना ढके खोला छोडा गया था ताकि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती थी। मामले में उपरोक्त अपराधिक कृत्य के लिये ग्राम नारायणपुरा निवासी दोनों पिता-पुत्र (अखिलेश यादव पिता रमेश यादव एवं रमेश यादव पिता रामी यादव) ओरछा रोड़ के विरूध धारा 308 ता.हि. के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में से रमेश यादव बालक दीपेंद्र यादव का दादा है तथा अखिलेश यादव बालक का पिता है।

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अपील...

कृपया बोर/गड्डों को करवाने के बाद अनिवार्य रूप से सुरक्षित स्थिति में ढ़ककर रखे अनहोनी से बचने के लिये आवश्यक रूप से बोर या गड्डे के समीप बच्चों को जाने से रोके। ओरछा रोड थाने में आज दोपहर में हुई FIR में पुलिस ने आरोप लगाया है कि बालक दीपेंद्र के पिता व दादा ने जानबूझकर बोरवेल का गड्ढा खुला छोड़ा ताकि कोई उसमें गिर जाए और उसकी मृत्यु हो जाए। इसी को आधार मानकर ओरछा रोड थाना पुलिस ने स्वयं थाना प्रभारी अभिषेक चौबे को शिकायतकर्ता बनाया गया है।

क्या है धारा 308..
भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के अनुसार, जो भी कोई इस तरह के इरादे या बोध के साथ ऐसी परिस्थितियों में कोई कार्य करता है, जिससे वह किसी की मृत्यु का कारण बन जाए, तो वह गैर इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी मे नही आता) का दोषी होगा, और उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या ...


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meena

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