कभी बदमाशों के लिए खौफ थे MP Police के टॉप शूटर, हालात ने बना दिया लावारिस… अब कर रहे इंसानियत की सेवा

Sunday, Mar 15, 2026-01:35 PM (IST)

ग्वालियर। जिंदगी कब किस मोड़ पर ले आए, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। कभी सड़कों पर लावारिस हालत में मिले मध्य प्रदेश पुलिस के गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अब बेसहारा लोगों का सहारा बनकर नई मिसाल पेश कर रहे हैं।

यह कहानी है मनीष मिश्रा की, जो साल 1999-2000 बैच के पुलिस अधिकारी रहे हैं। अपने समय में वे एमपी पुलिस के बेहतरीन शूटरों में गिने जाते थे। उनकी सटीक निशानेबाजी के कारण बड़े-बड़े बदमाश भी उनका नाम सुनकर घबरा जाते थे। सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और गोल्ड मेडलिस्ट शूटर के रूप में अपनी पहचान बनाई।

लेकिन समय ने ऐसा करवट लिया कि निजी और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि कभी वर्दी में अपराधियों के खिलाफ मोर्चा लेने वाला यह अधिकारी सड़कों पर दर-दर भटकने को मजबूर हो गया।

PunjabKesari

बताया जाता है कि लंबे समय तक वे बेहद खराब परिस्थितियों में जीवन जीते रहे। इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद की और धीरे-धीरे उन्हें संभाला। जिंदगी ने फिर एक नया मौका दिया और मनीष मिश्रा ने खुद को फिर से खड़ा करने की ठानी। अब वे ग्वालियर के स्वर्ग सदन आश्रम में रहकर जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की सेवा कर रहे हैं। वहां रहने वाले लोग उन्हें आज भी सम्मान के साथ “डीएसपी साहब” कहकर पुकारते हैं।

मनीष मिश्रा की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह जिंदगी की सच्चाई भी बताती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसला जिंदा हो तो इंसान फिर से खड़ा हो सकता है।आज वही शख्स, जो कभी खुद बेसहारा था, अब दूसरों का सहारा बनकर मानवता की मिसाल पेश कर रहा है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News