जनजातीय विकास की नई उड़ान: अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से बदलेगी गांव-गांव की तस्वीर!
Thursday, Apr 16, 2026-06:50 PM (IST)
भोपाल: भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए सौर ऊर्जा, पशुपालन, बागवानी और स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही शहडोल और सीधी जैसे क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। कार्यशाला में जनजातीय विकास के लिए बजट प्रावधान, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और अंत्योदय के लक्ष्य के साथ योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी जनजातीय विकास को स्वर्णकाल बताते हुए संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, संस्कृति और अधोसंरचना विकास जैसे विषयों पर मंथन किया गया। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक समरसता बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि के लिए कई नवाचारों पर भी चर्चा हुई।

