किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! खातों में डाले 3779 करोड़ रुपए, अब मिलने जा रहा बड़ा तोहफा
Thursday, Jun 18, 2026-06:02 PM (IST)
रायपुरः छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इसमें 31 करोड़ 33 लाख आठ हजार रुपये नगद तथा छह करोड़ 46 लाख चार हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं। बता दें कि जशपुर जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर वैज्ञानिक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दे रहे हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है, जिससे उन्हें खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है। जिले की 44 सहकारी समितियों में वर्तमान में 9,285 टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है।
इनमें से 3,681 टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिनमें से 1,872 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। आगामी मांग को देखते हुए खाद एवं बीज का भंडारण लगातार बढ़ाया जा रहा है। कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इसमें 31 करोड़ 33 लाख आठ हजार रुपये नगद तथा छह करोड़ 46 लाख चार हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं।
विभाग ने कहा है कि किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद एवं जैविक खेती को अपनाने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है।

