पहले पंजाब, अब असम... इस नेता को फिर मिली प्रदेश से बाहर बड़ी जिम्मेदारी
Saturday, Sep 19, 2026-05:22 PM (IST)
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन में सक्रिय रहे बिलासपुर के नेता अरविंद शुक्ला को पार्टी हाईकमान ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें असम में होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। 18 सितंबर को जारी नियुक्ति आदेश के बाद शुक्ला को असम प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय और चुनाव से जुड़े संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी निभानी होगी। अरविंद शुक्ला बिलासपुर कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। वे पूर्व में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। प्रदेश की राजनीति से बाहर पार्टी संगठन में काम करने का उन्हें पहले भी अनुभव रहा है। ऐसे में असम उपचुनाव की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए एक और महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है।
भूपेश बघेल के असम प्रभारी बनने के बाद नियुक्ति चर्चा में
अरविंद शुक्ला की नई जिम्मेदारी ऐसे समय में सामने आई है, जब कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाया है। बघेल को असम की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों की जिम्मेदारी मिलने के बाद उसी राज्य के उपचुनाव में बिलासपुर के नेता को पर्यवेक्षक बनाए जाने की चर्चा स्वाभाविक रूप से तेज हो गई है।
कांग्रेस के भीतर शुक्ला को भूपेश बघेल के करीबी नेताओं में गिना जाता है। यही वजह है कि उनकी नियुक्ति को केवल एक संगठनात्मक आदेश के तौर पर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ से बाहर पार्टी के कामकाज में उनकी सक्रिय भूमिका के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।
पंजाब के बाद अब असम में मिली जिम्मेदारी
अरविंद शुक्ला को इससे पहले भी प्रदेश से बाहर कांग्रेस संगठन में काम करने का अवसर मिल चुका है। जब भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब शुक्ला को भी वहां संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब असम जैसे चुनावी राज्य में पर्यवेक्षक की भूमिका मिलने से पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता का दायरा एक बार फिर बढ़ा है। पर्यवेक्षक के तौर पर शुक्ला की भूमिका में स्थानीय कांग्रेस संगठन के साथ तालमेल, चुनावी तैयारियों से जुड़े कार्यों और पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में समन्वय अहम रहेगा।
बिलासपुर कांग्रेस की राजनीति से भी जुड़ रहा कनेक्शन
शुक्ला को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी नेताओं में भी माना जाता है। ऐसे में उनकी असम नियुक्ति का असर केवल राज्य से बाहर की संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि बिलासपुर कांग्रेस के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी इसे देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं की संगठनात्मक सक्रियता और प्रभाव को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। ऐसे दौर में प्रदेश के किसी नेता को लगातार दूसरे राज्य में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना उसके संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के भीतर भूमिका को रेखांकित करता है। अब देखना होगा कि असम उपचुनाव में अरविंद शुक्ला को मिली यह जिम्मेदारी किस तरह आगे बढ़ती है और वहां कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान में उनकी भूमिका कितनी प्रभावी रहती है।

