ग्वालियर में पर्यटन का महाकुंभ: सीएम मोहन बोले - ‘ग्वालियर की धरोहर अब दुनिया में चमकेगी’
Saturday, Aug 30, 2025-04:30 PM (IST)

ग्वालियर। मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। कभी आगरा भी राजधानी हुआ करती थी। यहां राजा मानसिंह के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है।
बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। बंदी छोड़ के कठिन दौर में ग्वालियर में आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली का चौसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यही संसद दुनिया में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है।
अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। जो पहली बार चीता देखते हैं तो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है।
ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जीवीजी विश्वविद्यालयों के विकास के लिए भी राशि दी गई है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है।
इंडिगो कंपनी ने सीआरएस के माध्यम से ग्वालियर किलो के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को बता रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से देश के नागरिकों को स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए कार्य किए जा रहे हैं।