Apple अब सिर्फ पहाड़ों में नहीं! MP के इस गांव के किसान ने गर्मी में उगा दिए हिमाचली सेब
Sunday, Feb 08, 2026-10:44 PM (IST)
ग्वालियर। जो सेब अब तक सिर्फ हिमाचल की ठंडी वादियों की पहचान माने जाते थे, वे अब मध्य प्रदेश की तपती धरती पर भी मुस्कुरा रहे हैं। ग्वालियर जिले के पनिहार क्षेत्र के रामपुर गांव में एक किसान ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने कृषि वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है। दो साल पहले लगाए गए हिमाचली सेब के पौधों ने न सिर्फ जीवन पाया, बल्कि अब फल भी देना शुरू कर दिया है। यह प्रयोग कृषि विभाग द्वारा किया गया था, जिसका मकसद यह परखना था कि क्या ठंडे राज्यों के फल गर्म क्षेत्रों में भी सफल हो सकते हैं। शुरुआती नतीजे उम्मीद से कहीं ज्यादा शानदार रहे हैं।
गर्म क्षेत्रों के लिए खास ‘अन्ना एप्पल’ किस्म
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन (हिमाचल प्रदेश) के वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से गर्म जलवायु के लिए ‘अन्ना एप्पल’ नाम की सेब प्रजाति विकसित की है। पनिहार के रामपुर गांव के किसान प्रभुदयाल अटल ने इस प्रजाति के करीब 7 पौधे अपने खेत में लगाए थे।
दो साल में ही पेड़ तैयार
पिछले सीजन में सेब का उत्पादन अब और पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें फूल भी आ रहे हैं
हिमाचल में मिली ट्रेनिंग, MP में दिखा रिजल्ट
कृषि विभाग ने आत्मा योजना के तहत ग्वालियर के प्रगतिशील किसानों को हिमाचल प्रदेश भेजा था। वहां किसानों को कम ठंड में फल देने वाली सेब की किस्मों की तकनीकी ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के बाद किसान अपने साथ पौधे लेकर लौटे और कृषि विशेषज्ञों की निगरानी में इन्हें खेतों में रोपा गया।
45 डिग्री तापमान में भी सेब की मिठास बरकरार
कृषि विभाग के ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर मलखान सिंह गहलोत के मुताबिक—
ग्वालियर जैसे क्षेत्र में, जहां तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला जाता है, वहां सेब का फल देना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। फल सामान्य आकार के हैं, स्वाद में मीठे और काफी रसीले हैं।”
अब दूसरे किसानों को भी मिलेगा फायदा
इस सफलता के बाद कृषि विभाग अब अन्य किसानों को भी सेब उत्पादन के लिए प्रेरित करेगा।
कम पानी में खेती,ज्यादा मुनाफा ,फसल विविधीकरण का बड़ा मौका
ग्वालियर की धरती पर उगते सेब अब किसानों की आमदनी की नई उम्मीद बनते दिख रहे हैं।

