मंदिर के पास मांसाहारी भोजन नहीं बनाने देंगे...सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर भारी तनाव, प्रशासन ने रोका भूमिपूजन

Friday, Feb 06, 2026-12:48 PM (IST)

दुर्ग : छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के भिलाई स्थित संतोषीपारा वार्ड क्रमांक 33 में प्रस्तावित सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर गुरुवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। विवाद उस समय बढ़ गया जब मंदिर और मस्जिद के बीच स्थित खाली शासकीय भूमि पर भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान बजरंग दल से जुड़े कुछ लोग स्थानीय नागरिकों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध कर रहे पक्ष का आरोप था कि वार्ड पार्षद द्वारा प्रस्तावित सामुदायिक भवन का उपयोग भविष्य में मस्जिद और मदरसा से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाएगा। विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि भवन के उपयोग से मंदिर परिसर के आसपास धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।

उनका कहना था कि समारोहों के दौरान मांसाहारी भोजन बनाए जाने और अव्यवस्था फैलने की संभावना से मंदिर की पवित्रता प्रभावित होगी। साथ ही हिंदू समाज ने मंदिर परिसर के चारों ओर सुरक्षा के द्दष्टिकोण से बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग भी उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षद डी. शैलजा ने तत्काल भूमिपूजन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। सीएसपी प्रशांत पैकरा एवं छावनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

पुलिस अधिकारियों ने विवाद के समाधान हेतु नगर निगम प्रशासन के समक्ष आपत्तियां रखने की सलाह दी। पार्षद डी. शैलजा ने बताया कि यह सामुदायिक भवन शासकीय भूमि पर अधोसंरचना मद के अंतर्गत लगभग 10 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित था, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के सभी समुदायों को सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध कराना था।

वहीं मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे वर्षों से क्षेत्र में शांतिपूर्वक रह रहे हैं और इस निर्माण को लेकर उनका कोई विरोध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भवन का निर्माण नहीं होता है तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, विरोध कर रहे नागरिक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उक्त स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण न किए जाने की बात कह रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से संवाद कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।


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Content Writer

meena

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