मयाली बनेगा ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन: मुख्यमंत्री साय ने 10 करोड़ की मयाली-बगीचा पर्यटन परियोजना का किया भूमिपूजन
Thursday, Feb 05, 2026-05:12 PM (IST)
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। मयाली अब तेजी से पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है और आने वाले समय में इसे वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत का संरक्षण होगा तथा समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक और पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे जशपुर जिले की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

परियोजना के अंतर्गत मयाली क्षेत्र में 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग और पाथवे का निर्माण किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, पाथवे और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास तथा सीढ़ियों और रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, युवराज यशप्रताप जूदेव, श्रीमती प्रियंवदा जूदेव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

