मंदिर में मूर्ति स्थापना को लेकर सामान्य वर्ग और आदिवासी समाज में भारी तकरार,आदिवासी बोले-हम हिंदू नहीं है, हमारे पूजा स्थल पर मुर्ति क्यों
Friday, Feb 13, 2026-06:49 PM (IST)
मंडला (अरविंद सोनी): मंडला जिले के प्रेमपुर गांव में आस्था का केंद्र बना एक देवस्थान अब विवाद का कारण बन गया है। सैकड़ों वर्षों से पूजा-अर्चना का दावा करने वाला आदिवासी समाज और सामान्य वर्ग आमने-सामने हैं। प्रशासन द्वारा पूर्व में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद विवादित स्थल पर मूर्ति स्थापना किए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है। प्रेमपुर का यह देवस्थान, जहां आदिवासी समाज खेरमाई माता की पूजा करता आया है, अब विवादों के घेरे में है।

प्रदर्शन कारी बोले- हम हिंदू नहीं है,हम प्रकृति पूजक
आदिवासी समाज का कहना है कि यह स्थल उनकी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। उनका दावा है कि पीढ़ियों से यहां पूजा-अर्चना होती रही है। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने पहले ही मंदिर परिसर में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। किंतु हाल ही में प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में मूर्ति स्थापना किए जाने से मामला फिर भड़क उठा है।
आदिवासी समाज का आरोप है कि जब प्रशासन ने स्पष्ट रूप से रोक लगाई थी, तो फिर पुलिस और राजस्व विभाग की उपस्थिति में यह स्थापना कैसे संभव हुई? इसी प्रश्न को लेकर समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
हालांकि जिला प्रशासन दोनों पक्षों से संवाद कर विवाद सुलझाने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून और न्याय के दायरे में रहते हुए ही समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल प्रेमपुर का यह विवाद केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और प्रशासनिक निर्णयों पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

