दूल्हे के पिता ने पेश की मिसाल, लौटाए दहेज के 50 हजार, 1 रुपया लेकर की बेटे की शादी
Saturday, Feb 07, 2026-04:09 PM (IST)
भिंड: आज के दौर में जहां दहेज के लोभ में बहू बेटियों को प्रताड़ित किया जाता है, पैसों के लिए इंसानियत को शर्मसार किया जाता है, वहीं दूसरी ओर कभी अपराध में अपनी पहचान बनाने वाले मध्य प्रदेश के भिंड जिले में समाज को नई दिशा देने वाली कहानी निकलकर सामने आई है। दशकों से हमारे समाज में अभिशाप बनी दहेज प्रथा पर दूल्हे के पिता ने कड़ा प्रहार किया है। यहां एक शादी समारोह में दूल्हे के पिता ने दुल्हन पक्ष द्वारा दिए गए 51 लाख रुपए के दहेज को ठुकरा दिया और सिर्फ 1 और एक नारियल में विवाह संपन्न कराया।
भिंड के खिड़किया मोहल्ले में रहने वाले अनोज पाठक के पुत्र आकर्ष पाठक का विवाह अनिक्षा से तय हुआ। 5 फरवरी को भिंड शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में दूल्हा बारात लेकर पहुंचा। विवाह समारोह में दुल्हन पक्ष जबलपुर से शगुन और फलदान लेकर पहुंचा था। परंपरा के अनुसार फलदान के दौरान दहेज के रूप में 51 लाख रुपए दूल्हे को भेंट किए गए।लेकिन इसी दौरान दूल्हे के पिता अनोज पाठक ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया और पूरी रकम लौटा दी।
इतना ही नहीं अनोज पाठक ने जो शब्द कहे वो वहां मौजूद लोगों के दिल में उतर गए। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे की शादी कर रहे हैं, कोई सौदा नहीं। उन्हें बहू के रूप में एक बेटी चाहिए, न कि धन। उन्होंने केवल 1 और एक नारियल स्वीकार करते हुए उसी के साथ विवाह की रस्में पूरी कराईं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे दहेज प्रथा के सख्त खिलाफ हैं और इसी सोच के चलते उन्होंने 51 लाख रुपए की रकम लौटाकर अपने बेटे का विवाह प्रतीकात्मक रूप से एक रुपए में कराया।
समाज में हो रही सराहना
दूल्हे के पिता के इस कदम की पूरे समाज में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे उदाहरण ही सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में मील का पत्थर साबित होते हैं। गौरतलब है कि भिंड जिले में बेटियों को लेकर सोच में लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर लिंगानुपात में सुधार के रूप में भी सामने आ रहा है।

