दतिया नतीजों को लेकर इंदौर सट्टा बाजार की भविष्यवाणी ने मचाई हलचल! जीत को लेकर किया बड़ा दावा
Saturday, Aug 01, 2026-05:28 PM (IST)
इंदौर : दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद अब सबकी नजरें 3 अगस्त पर टिकी है। पूरे मध्य प्रदेश की राजनीति मानों दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों का इंतजार कर रही हो। ये नतीजे कांग्रेस भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़े हैं और खास बात यह की नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य भी इन्हीं नतीजों पर टिका है। ऐसे में इंदौर सट्टा बाजार भी सरगर्म हो गया है। खास बात यह है कि सटोरिए कांग्रेस को हरा रहे हैं, लेकिन भाजपा को भी एकतरफा जीता नहीं रहे।
लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव इंदौर का सट्टा बाजार हमेशा देश दुनिया में चर्चा में रहा है। कुछ लोग तो इसे एग्जिट पोल से भी ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। दतिया उपचुनाव के नतीजों के इंतजार के बीच ये बाजार एक बार फिर खुल गया। दतिया उपचुनाव के नतीजों को लेकर हार जीत के दांव लग रहे हैं। बाजार के हिसाब से चुनाव नतीजों को लेकर असमंजस की स्थिति है। कांग्रेस और भाजपा दोनों में खासा टक्कर है। जीत की राह दोनों ही पार्टियों के लिए आसान नहीं है। सटोरिए के हिसाब से कांग्रेस दतिया मामूली अंतर से हार सकती है और भाजपा सीट जीत सकती है। इसके चलते भाजपा की जीत का भाव 75 पैसे हैं। वहीं कांग्रेस का भाव 125 रुपए है। सट्टा बाजार की भाषा में जिसकी जितनी कीमत कम होगी उसके जीतने की संभावना उतनी अधिक होगी।
नतीजों की बात करें तो एक तरफ भोपाल में किसान आंदोलन, दूसरी ओर दिल्ली जंतर मंतर पर जेन की का प्रोटेस्ट दतिया उपचुनाव पर खासा प्रभाव डालेंगे। क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना और भोपाल में किसानों की मांगें पूरी होना दोनों ही चीजें दतिया उपचुनाव के बीच हुई है। दिल्ली में पहली बार मोदी सरकार ने झुकते हुए मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया है। हालांकि इससे पहले नरोत्तम मिश्रा वाला घटनाक्रम नतीजों पर काफी प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल सबकी नजरें 3 अगस्त पर टिकी है। वहीं इंदौर सट्टा बाजार की बात करें तो पंजाब केसरी इसका समर्थन नहीं करता है।

