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सिंधिया के गढ़ में BJP संगठन में सबकुछ ठीक नहीं? दिग्गज नेता के इस्तीफे से चर्चाओं का बाजार गर्म

Tuesday, May 19, 2026-06:21 PM (IST)

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाजपा की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के प्रभाव वाले गुना क्षेत्र में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार (बंटी) का इस्तीफा कई बड़े राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पार्टी के भीतर सिंधिया समर्थक और अन्य गुटों के बीच सोशल मीडिया पर जारी बयानबाजी पहले से ही सुर्खियों में बनी हुई है।

भाजपा संगठन ने चंद्रपाल किरार को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। आरोप था कि सोशल मीडिया पर लगातार ऐसी टिप्पणियां की जा रही थीं, जिनसे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन जवाब देने के बजाय किरार ने सीधे अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे में उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई गई।

गुना भाजपा में पिछले कुछ समय से जिस तरह की गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है, उसने संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ दिन पहले ही सिंधिया और KP Yadav समर्थकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अब एक वरिष्ठ ओबीसी नेता का पद छोड़ना यह संकेत दे रहा है कि मामला केवल सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के भीतर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर खींचतान बढ़ी है। गुना, जिसे सिंधिया का मजबूत गढ़ माना जाता है, वहीं से पार्टी पदाधिकारी का इस्तीफा सामने आना संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। विपक्ष भी इस मुद्दे को भाजपा की अंदरूनी कलह और नेतृत्व संकट से जोड़कर देख रहा है।

फिलहाल भाजपा संगठन इस पूरे मामले को अनुशासन और संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवाद यह संकेत दे रहे हैं कि गुना भाजपा में सबकुछ सामान्य नहीं है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।


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Content Editor

Vandana Khosla

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