दवाब या कुछ और, बजट सत्र से पहले अलग-थलग पड़े मंत्री कैलाश ने खुद की CM मोहन से मुलाकात
Sunday, Feb 15, 2026-11:22 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरु हो रहा है। कांग्रेस भाजपा को सदन में घेरने के लिए पूरी कमर कस चुकी है, तो वहीं सरकार भी पलटवार में कोई कमी नहीं रखना चाहती। इसी कड़ी में बीजेपी ने सबसे पहले तो एकजुटता की ओर कदम बढ़ाकर संदेश दे दिया है कि वो कांग्रेस के दवाब में नहीं आएगी। ताजा घटनाक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की है। इंदौर दूषित पानी कांड पर काफी दिनों से विवाद में रहने वाले कैलाश से पार्टी ने भी दूरी बना ली थी लेकिन अब बजट सत्र को देखते हुए कैलाश ने अपने स्वभाव से विपरीत सीएम मोहन यादव ने मुलाकात करके पार्टी के एक होने का संदेश दिया है।
इंदौर के दूषित जल कांड के बाद विवाद में आए नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सरकार के बीच जो दूरी देखी जा रही थी वो बजट सत्र से पहले खत्म होती दिखी है।
सीएम मोहन यादव से मिले कैलाश विजयवर्गीय
हालांकि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को बदलकर कफ सीरप कांड में कार्रवाई का संदेश दिया है। लेकिन कैलाश से पार्टी की दूरी साफ देखी जा रही थी। 26 जनवरी के कार्यक्रम में भी कैलाश को किसी कार्यक्रम की मेजबानी नहीं मिली थी, लेकिन कैलाश ने उसके पीछे निजी कारण देते हुए मामला शांत करने की कोशिश की थी।
लेकिन अब कैलाश ने सीएम मोहन से मुलाकात की है जो बता रही है कि कैलाश बजट सत्र में सरकार की एकजुटता दिखाना चाहते हैं। कैलाश विजयवर्गीय संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते से भी मिले हैं। वहीं माना जा रहा है कि अलग पड़े कैलाश खुद मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच गए। कैलाश विजयवर्गीय का मोहन यादव से मिलना समर्पण का संदेश है या कुछ समय के लिए विराम है ,इसके बारे में अभी कहा नहीं जा सकता है।
बजट सत्र से पहले बीजेपी का एकजुटता का संदेश
बजट सत्र से पहले कैलाश का मोहन से मिलना बता रहा है कि बीजेपी सरकार विधानसभा में एकजुट होकर कांग्रेस के हमले का जवाब देना चाहती है। वैसे आपको बता दें कि सत्र में संसदीय कार्य मंत्री की भूमिका काफी अहम होती है। लेकिन कैलाश ने पहल करके अपने लिए ही रास्ता सुगम करने की कोशिश की है।

