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Lady Teacher की अश्लील क्लास! छात्राओं से कहा- 4-5 Boyfriend बनाओ, डेट पर जाओ

Sunday, Aug 09, 2026-11:04 AM (IST)

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका पर कक्षा 6वीं के छात्र-छात्राओं से कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला कुंडाली कलां स्थित पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया है।

बच्चों ने लगाए गंभीर आरोप

मामला उस समय सामने आया, जब कुछ छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने शिक्षिका के व्यवहार को लेकर स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। बच्चों का आरोप है कि शिक्षिका कक्षा में ऐसी बातें करती थीं, जिन्हें नाबालिग विद्यार्थियों के सामने कहना बेहद आपत्तिजनक माना जा सकता है।

शिकायत में शिक्षिका पर छात्राओं से कथित तौर पर बॉयफ्रेंड बनाने, डेट पर जाने और गर्भावस्था से जुड़ी आपत्तिजनक बातें करने के आरोप लगाए गए हैं। बच्चों ने यह भी दावा किया कि शिक्षिका ने अपने निजी जीवन से जुड़ी बातें भी कक्षा में बताईं।

मर्डर की धमकी देने का भी आरोप

मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब बच्चों की शिकायत में शिक्षिका पर कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी सामने आया। बच्चों के मुताबिक शिक्षिका ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस में पहचान होने की बात कही और कार्रवाई न होने का दावा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

शिकायत के बाद विभाग ने लिया एक्शन

बच्चों और पालकों की ओर से शिकायत मिलने के बाद स्कूल के प्राचार्य ने मामले की जानकारी ली। शिकायत को आगे शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजा गया। मामला गंभीर मानते हुए संयुक्त संचालक स्तर से शिक्षिका के निलंबन की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि निलंबन आदेश लेने को लेकर भी शिक्षिका की ओर से कथित रूप से असहमति जताई गई।

पहले भी शिकायतों की चर्चा

स्थानीय स्तर पर शिक्षिका के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन शिकायतों और उनके आधार की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। वहीं, इस मामले में अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।

शिक्षिका ने आरोपों को बताया साजिश

दूसरी ओर, शिक्षिका ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके खिलाफ बयान दिलवाए जा रहे हैं।अब इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच अहम हो गई है। यदि बच्चों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकता। वहीं, यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो इसकी सच्चाई भी जांच के जरिए सामने आनी जरूरी है। फिलहाल शिक्षिका के निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई जारी है और मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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Content Editor

Himansh sharma

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