कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टी में गए नेता को कांग्रेस में ही फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी, बिना वापसी बने जिलाध्यक्ष, हर कोई हैरान
Thursday, May 21, 2026-03:25 PM (IST)
मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़। कांग्रेस की संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर अंदरूनी विवाद गहराता दिख रहा है। ताजा मामला मनोज कुमार साहू का है, जिन्हें पार्टी ने ओबीसी प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि वे 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) में शामिल हो चुके थे।
सूत्रों और राजनीतिक दस्तावेजों के अनुसार, मनोज कुमार साहू पहले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खड़गवां के अध्यक्ष रह चुके हैं। लेकिन अक्टूबर 2023 में मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट पर टिकट विवाद के बाद उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अपने 21 अक्टूबर 2023 के पत्र में उन्होंने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पर उपेक्षा का आरोप लगाया था।
इसके ठीक अगले ही दिन, 22 अक्टूबर 2023 को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश में उन्हें पदमुक्त कर दिया गया था। आदेश में यह भी उल्लेख था कि वे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में शामिल हो चुके हैं। उनकी जगह सूर्य प्रकाश उइके को खड़गवां ब्लॉक का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि गोंगपा में शामिल होने के दौरान उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम द्वारा सदस्यता दिलाई गई थी। चुनावी मौसम में वे कांग्रेस के खिलाफ सक्रिय रूप से प्रचार करते भी देखे गए थे।
अब ऐसे में कांग्रेस द्वारा उन्हीं मनोज साहू को ओबीसी प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं में असंतोष और सवाल दोनों गहराते जा रहे हैं। स्थानीय नेताओं का कहना है कि जिस व्यक्ति ने चुनाव के समय पार्टी छोड़कर विरोधी दल का दामन थामा था, उसकी बिना किसी औपचारिक वापसी के इस तरह वापसी और पद देना संगठनात्मक निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

