पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल! 19 अधिकारियों का तबादला, 2 थानों को मिले नए प्रभारी
Wednesday, Aug 05, 2026-02:04 PM (IST)
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक बार फिर व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। बिलासपुर और कोरबा जिलों में कुल 19 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल के तहत बिलासपुर में 13 निरीक्षकों और कोरबा में 6 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) की नई पदस्थापना की गई है। साथ ही कोनी और मस्तूरी थानों को नए थाना प्रभारी भी मिले हैं।
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक जितेंद्र गुप्ता को कोनी थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि निरीक्षक सलीम खाखा को मस्तूरी थाना प्रभारी की कमान सौंपी गई है।
यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृष्णचंद सिदार को यातायात थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, यातायात शाखा में कार्यरत हेमंत चंद्राकर को रक्षित केंद्र भेजा गया है। इसके अलावा शिकायत शाखा, जिला विशेष शाखा (DSB), एसपी कार्यालय और रक्षित केंद्र में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
प्रशासनिक आदेश के तहत कई निरीक्षकों को कानून-व्यवस्था और विशेष कार्य बल (STF) से जुड़े अलग-अलग अनुभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। पुलिस विभाग का मानना है कि इन बदलावों से पुलिसिंग में बेहतर समन्वय और कार्यकुशलता आएगी।
उधर, कोरबा जिले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 6 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) का स्थानांतरण करते हुए विभिन्न थानों और पुलिस सहायता केंद्रों में उनकी नई पदस्थापना की है। इन बदलावों का उद्देश्य थानों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई महीने में भी राज्य के गृह विभाग ने बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों के तबादले किए थे। उस सूची में 56 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और 92 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) सहित कुल 150 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। रायपुर, दुर्ग, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोंडागांव सहित कई जिलों में प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से पदस्थापन आदेश लागू किए गए थे। ताजा तबादला आदेश को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार, जिम्मेदारियों के बेहतर वितरण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

