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IAS शाह- मंत्री राकेश विवाद में बड़ा मोड,महिला कर्मचारी ने CM को लिखा पत्र,बोली -शाह ने मुझे गालियां और कहा कि मैं मंत्री की नहीं चाटता

Tuesday, Apr 28, 2026-03:59 PM (IST)

जबलपुर (विवेक तिवारी): मध्य प्रदेश की संस्कार धानी यानि जबलपुर से एक ऐसा मामला चर्चा में है जो अधिकारी और मंत्री के बीच तनातनी का कारण बन चुका है और मामला इतना गरमा चुका है कि सीएम तक पहुंच चुका है। इस हाइप्रोफाइल विवाद ने प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है क्योंकि एक अधिकारी सत्ता से भिड़ चुका है। अधिकारी पर आरोप है कि पहले अपने अधीन महिला कर्मचारी से अभद्रता की और जब उसने शिकायत मंत्री से की तो IAS अधिकारी ने वहां भी अपना रौब जताना बरकरार रखा और भिड़ गया।  

प्रशासनिक कार्यकारी दिलप्रीत भल्ला को धमकाने और गालियां देने का आरोप

जी हां बात हो रही है 2021 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरविंद शाह की। शाह जबलपुर में स्मार्ट सिटी के सीईओ हैं। शाह पर प्रशासनिक कार्यकारी दिलप्रीत भल्ला को धमकाने और गालियां देने का आरोप है। मामला प्रशासनिक कार्यकारी के वेतन को रोकने से जुड़ा है। कहा जा रहा है कि  स्मार्ट सिटी के कर्मचारी ही शाह साहब की  बादशाहत के आगे बौने साबित हो गए हैं । एक  महिला कार्यकारी ने अपने हक को लेकर सवाल किया तो शाह गुस्से में आ गए और जो-जो मुंह मे आया वो बोलते गए। पीड़ित दिलप्रीत भल्ला इन अपमानित शब्दों को सुनकर ऐसी आहत हुई की आंखों से आंसू निकल गए।

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के पास शिकायत लेकर पहुंची दिलप्रीत

अपमान से आहत होकर वो रोती रोती अपने घर पहुंची और अपने पिता से आपबीती बताई। पिता पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के जनता दरबार में जा पहुंचे। आंखों में आंसू देखकर राकेश सिंह समझ गए कि मामला बेहद गंभीर है। राकेश सिंह को उनके कार्यालय में जाकर सारी बात बताने के बाद राकेश सिंह हरकत में आए । मंत्री राकेश सिंह ने कार्यकारी निदेशक, स्मार्ट सिटी जबलपुर  रामप्रकाश अहिरवार को समस्या का निदान करने के लिए बोला।

राकेश सिंह ने शिकायत करने के बाद अरविंद शाह ने दिलप्रीत को अपने कार्यालय चेंबर में बुलाया

मंत्री राकेश सिंह को समस्या से अवगत कराने के बाद  दिनांक 22.04.2026 को  दिलप्रीत भल्ला को अधिकारी अरविंद शाह, कार्यालय में अपने चेंबर में बुलाते हैं। अपने चेंबर में जिस लहजे और शब्दों का वो प्रयोग करके हैं वो भल्ला ने  इस तरह से बताए हैं..

“तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूँ, तेरे को जहाँ लगें वहाँ जाकर शिकायत कर, मंत्री से फोन करवाती है”

 “मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता, ना ही किसी मंत्री की बात करता हूँ और मैं अपनी दम से IAS अधिकारी बना हूँ, ना ही किसी मंत्री या आई.ए.एस./आई.पी.एस. की सिफारिश पर नौकरी में आया हूँ” आगे कहा गया है कि “तू भी किसी मंत्री की मत बात कर।”

आरोप है कि ऐसा सुनने के बाद दिलप्रीत  चेंबर से रोते हुए निकल रही थी तो अरविंद शाह ने कहा कि “निकल जा मेरे चेंबर से” और मंत्री को गाली भी दी। कहा  कि “मैं मंत्री को भी देख लूँगा।”

अधिकारी के इस व्यवहार से मंत्री राकेश को अवगत कराया

आगे कहा गया है कि अधिकारी के ऐसे शब्दों से कर्मचारी और परिवार ने मंत्री राकेश सिंह से अवगत कराया गया। राकेश सिंह ने अपने शासकीय आवास पर वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया। राघवेन्द्र सिंह, चेयरमैन, स्मार्ट सिटी/कलेक्टर, जिला जबलपुर एवं  रामप्रकाश अहिरवार, कार्यकारी निदेशक, स्मार्ट सिटी /आयुक्त, नगर निगम  के समक्ष  अरविंद शाह को बुलाया।

मंत्री राकेश सिंह ने अरविंद सिंह को समझाइश दी कि एक आईएएस. अधिकारी होने के नाते  वो समाज के लिए एक प्रेरणा के स्रोत हैं। एक महिला सहकर्मी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार एवं गाली-गलौच नहीं करनी चाहिए थी।

मंत्री राकेश के ऐसा कहने पर अरविंद शाह ने कहा कि मेरी भाषा भले ही गलत रही होगी परंतु मेरा भाव गलत नहीं था।

आगे कहा जा रहा है कि मंत्री  राकेश सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी  अरविंद शाह द्वारा ना ही माफी मांगी गई और न हीं अपने व्यवहार पर कोई खेद प्रकट किया गया। दिलप्रीत भल्ला का कहना इस व्यवहार से वो आहत हैं और अत्यंत पीड़ा और भय है।

वेतन रोकने को लेकर उपजा है सारा विवाद, दिलप्रीत कौर ने की है शपथपूर्वक शिकायत

शिकायतकर्ता  दिलप्रीत कौर ने शपथपूर्वक शिकायत में कुछ ऐसा लिखा है...

मैं दिलप्रीत कौर  भल्ला, वर्तमान में प्रशासनिक कार्यकारी  के पद पर स्मार्ट सिटी जबलपुर में फरवरी 2025 से कार्यरत हूँ। मेरे द्वारा अपने कर्तव्यों एवं कार्य को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से किया जा रहा है। मेरे पूरी सेवा अवधि में किसी के द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई है। यह शिकायत अत्यंत पीड़ा एवं दुख के साथ आपको प्रेषित कर रही हूँ, यह आशा के साथ कि आप बिना पक्षपात के उचित कार्यवाही करेंगे।

स्मार्ट सिटी जबलपुर में सभी कर्मचारियों का  वेतन हर माह के प्रथम सप्ताह के भीतर आ जाता  है।  विगत माह मार्च, 2026 का वेतन जब मेरे बैंक खाते में 10 अप्रैल, 2026 तक नहीं आया तब मेरे द्वारा  रवि राव, प्रशासनिक अधिकारी, स्मार्ट सिटी जबलपुर से यह पूछा कि सभी का वेतन मार्च माह का आ गया है किन्तु मेरा क्यों नहीं आया, तो  रवि राव जी के द्वारा मुझे मौखिक रूप से यह बताया गया कि  अरविंद शाह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जबलपुर स्मार्ट सिटी के मौखिक आदेश पर मेरा वेतन रोका गया है।

जब मेरे द्वारा अरविंद शाह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जबलपुर स्मार्ट सिटी से निवेदन किया गया कि मेरा वेतन का भुगतान करवा दिया जाए तब उनके द्वारा यह कहा गया कि मैंने आपको कभी इस कार्यालय में कार्य करते हुए नहीं देखा और मुझे अपमानजनक रूप से कार्यालय से बाहर जाने के लिए बोला गया।

 

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आईएएस अफसर की मौखिक जुबानी

वहीं पीड़िता ने तो शपथ पत्र में लिखकर अपना दुख जाहिर किया  है, लेकिन कहा जा रहा है कि अफसर द्वारा ऐसी कोई भी लिखित शिकायत ना तो मुख्य सचिव को की गई ना तो आईएएस संगठन को पत्र लिखा गया।  हालांकि मीडिया में जो चल रहा है उसमें बताया गया है कि उन्होंने मौखिक रूप से घटनाक्रम की जानकारी दी है।

26 तारीख को पीड़िता ने मुख्यमंत्री को शपथ पत्र में अपनी शिकायत दी। और 27 तारीख को मीडिया की सुर्खियों में यह आ गया कि मंत्री ने आईएएस अफसर को धमकाया। सवाल यहां पर यह भी उठता है कि आखिर यह पूरा घटनाक्रम मीडिया के समक्ष आईएएस अफसर क्यों लेकर आए जबकि उनके खिलाफ शिकायत मुख्यमंत्री तक पहले ही पहुंच चुकी थी।

हालांकि ऐसा कुछ घटनाक्रम मंत्री के बंगले पर हुआ इसकी पुष्टि सिर्फ अधिकारी अरविंद शाह ही कर रहे हैं जबकि वहां पर  कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त भी मौजूद थे।  


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Content Editor

Desh Raj

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