MP Anganwadi Recruitment: 30 साल पार अविवाहित महिला को मिलेंगे 10 अतिरिक्त अंक

Friday, Feb 13, 2026-06:38 PM (IST)

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने स्पष्ट किया है कि 30 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला को 10 बोनस अंक देने से इंकार नहीं किया जा सकता, यदि वह आवेदन की अंतिम तिथि तक पात्रता पूरी करती है।

यह मामला भिंड जिले के वार्ड क्रमांक 13 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र 13/2 (हाउसिंग कॉलोनी) में सहायिका पद की नियुक्ति से जुड़ा था। 11 अगस्त 2020 को जारी विज्ञापन के बाद तैयार प्रारंभिक मेरिट सूची में याचिकाकर्ता छठवें स्थान पर थी। बाद में शीर्ष पर रही उम्मीदवार को अपात्र घोषित कर दिया गया, लेकिन याचिकाकर्ता को 30 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला होने के बावजूद 10 अतिरिक्त अंक नहीं दिए गए।

कलेक्टर का फैसला हुआ निरस्त

भिंड कलेक्टर ने 1 जनवरी 2020 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए बोनस अंक देने से इंकार कर दिया था और अपील भी खारिज कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

एकलपीठ के न्यायमूर्ति आशीष श्रोती ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि 1 जनवरी की तिथि केवल न्यूनतम और अधिकतम आयु निर्धारण के लिए लागू होती है। बोनस अंक देने के लिए कोई अलग कट-ऑफ तिथि निर्धारित नहीं है। इसलिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को ही आधार माना जाएगा।

10 अंकों की पात्र है याचिकाकर्ता

अदालत ने माना कि आवेदन की अंतिम तिथि तक याचिकाकर्ता 30 वर्ष पार कर चुकी थी, इसलिए वह 10 बोनस अंकों की हकदार है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन के बाद परिस्थितियों में परिवर्तन—जैसे विवाह या निवास परिवर्तन—नियुक्ति को प्रभावित नहीं करते।

90 दिन में नियुक्ति के निर्देश

हाईकोर्ट ने नियुक्त प्रत्याशी की नियुक्ति निरस्त करते हुए संबंधित प्राधिकरण को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। यह फैसला न केवल संबंधित उम्मीदवार के लिए राहत भरा है, बल्कि भविष्य की आंगनवाड़ी भर्तियों में आयु और बोनस अंक को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शन भी देता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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