क्या राजनीति में पूरी तरह उतरने की तैयारी में हैं MP के 2 दिग्गज नेताओं के बेटे? बनाया बड़ा प्लान!
Wednesday, Oct 14, 2026-04:39 PM (IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में अब दो दिग्गज केंद्रीय मंत्रियों के बेटों की गतिविधियां चर्चा का विषय बन गई हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान और केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया खेल संगठनों में अपनी भूमिका मजबूत कर रहे हैं। इन नियुक्तियों को प्रदेश में भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या खेल संघों की जिम्मेदारी दोनों युवा नेताओं के लिए राजनीति में आगे बढ़ने का नया रास्ता बन सकती है?
कार्तिकेय चौहान को मिली मध्यप्रदेश वॉलीबॉल संघ की कमान
शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय चौहान मध्यप्रदेश वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। इस पद पर उनका निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। संघ की साधारण सभा और चुनावी बैठक 11 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। इसी दौरान वर्ष 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए नई प्रबंध कार्यकारिणी का चुनाव संपन्न हुआ।
कार्तिकेय को मिली इस जिम्मेदारी के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वह इससे पहले भी अपने पिता की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई देते रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रबंधन में उनकी भागीदारी रही है। ऐसे में वॉलीबॉल संघ के शीर्ष पद तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
महाआर्यमन सिंधिया पहले से संभाल रहे क्रिकेट संघ की जिम्मेदारी
दूसरी ओर, ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। क्रिकेट संघ के माध्यम से खेल प्रशासन में उनकी सक्रियता लगातार चर्चा में बनी हुई है।
अब कार्तिकेय चौहान के वॉलीबॉल संघ का अध्यक्ष बनने के बाद दोनों नेताओं के बेटों की भूमिकाओं की तुलना की जा रही है। एक ओर महाआर्यमन क्रिकेट प्रशासन से जुड़े हैं, तो दूसरी ओर कार्तिकेय वॉलीबॉल संघ का नेतृत्व करेंगे। दोनों की ये जिम्मेदारियां उन्हें खेल जगत के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से जुड़ने का अवसर भी दे सकती हैं।
बुधनी सीट को लेकर भी चर्चा में आ चुका है कार्तिकेय का नाम
कार्तिकेय चौहान की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर पहले भी अटकलें लगती रही हैं। शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्र से हटने के बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम में कार्तिकेय का नाम भी संभावित दावेदार के तौर पर चर्चा में आया था। हालांकि, उनके वॉलीबॉल संघ का अध्यक्ष बनने को सीधे चुनावी राजनीति में प्रवेश का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।
फिलहाल उनकी नई जिम्मेदारी को खेल प्रशासन में बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस मंच पर किस तरह काम करते हैं और उनकी सक्रियता आगे किस दिशा में बढ़ती है।
खेल संघ बन रहे हैं नई पीढ़ी के नेताओं के लिए अहम मंच?
मध्यप्रदेश में खेल संगठनों के नेतृत्व में राजनीतिक परिवारों से जुड़े युवाओं की मौजूदगी ने एक नई बहस को जन्म दिया है। खेल संघों में पद मिलने से प्रशासनिक अनुभव, खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों के साथ संवाद तथा सार्वजनिक पहचान बनाने के अवसर मिलते हैं। हालांकि, इन जिम्मेदारियों का वास्तविक महत्व उनके कामकाज और उपलब्धियों से ही तय होगा।
महाआर्यमन सिंधिया और कार्तिकेय चौहान की मौजूदा भूमिकाओं ने प्रदेश की राजनीति में भविष्य की पीढ़ी को लेकर चर्चाएं जरूर बढ़ा दी हैं। दोनों युवा नेताओं के सामने अब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और स्वतंत्र पहचान बनाने की चुनौती है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि खेल प्रशासन में उनकी यह सक्रियता भविष्य में राजनीतिक भूमिका का आधार बनेगी या दोनों अपनी अलग पहचान बनाने पर अधिक ध्यान देंगे।

