Affordable Housing Policy 2026: सस्ते घरों पर सरकार का बड़ा फैसला, डेटा बेस्ड मॉडल से मिलेगा फायदा

Thursday, Feb 12, 2026-10:21 AM (IST)

भोपाल। मध्यप्रदेश में आम नागरिकों को सुलभ और किफायती मकान उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग राज्य के लिए एक नई भविष्योन्मुखी ‘अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी’ तैयार कर रहा है। खास बात यह है कि यह नीति प्रदेश में उपलब्ध करीब 55 लाख प्रॉपर्टी आईडी डेटा के आधार पर बनाई जाएगी। अगले 30 दिनों में इसका अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा।

डेटा आधारित नीति से बदलेगी शहरी विकास की दिशा

भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में आयोजित स्टेकहोल्डर परामर्श सत्र में इस नई आवास नीति पर गहन मंथन किया गया। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग के पास मौजूद 55 लाख प्रॉपर्टी आईडी का विशाल डेटा भविष्य की नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीति पूरी तरह डेटा और साक्ष्य आधारित (Evidence-Based) होगी, जिससे शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

IT टूल्स से बढ़ेगी पारदर्शिता

नई हाउसिंग पॉलिसी में आधुनिक आईटी टूल्स (IT Tools) का उपयोग किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, निगरानी और दक्षता बढ़ेगी। आयुक्त भोंडवे ने SPA भोपाल को निर्देश दिए हैं कि 30 दिनों के भीतर नीति का अंतिम ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाए। साथ ही अपर आयुक्त शिशिर गेमावत को निर्देशित किया गया कि CREDAI जैसे संगठनों के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

‘क्रॉस-सब्सिडी मॉडल’ पर फोकस

किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए क्रॉस-सब्सिडी मॉडल अपनाने पर भी चर्चा हुई। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों को कम कीमत में मकान उपलब्ध कराए जा सकेंगे। 

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने वैश्विक दृष्टिकोण भी साझा किए —

WRI इंडिया के सिद्धार्थ त्यागराजन ने संपूर्ण और सुविधाजनक आवासीय क्षेत्रों की अवधारणा रखी। डॉ. साकेत सर्राफ (अहमदाबाद) ने ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को जरूरी बताया।

पर्यावरण-अनुकूल और सामाजिक स्थिरता पर जोर

नई आवास नीति में सिर्फ सस्ते मकान ही नहीं, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा दक्ष और सामाजिक रूप से संतुलित आवासीय क्षेत्र विकसित करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश के शहरों में सुलभ, स्मार्ट और टिकाऊ आवास मॉडल विकसित किए जाएं।

क्या बदलेगा आम नागरिक के लिए?

किफायती दरों पर मकान उपलब्ध होने की संभावना

पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया

निजी क्षेत्र की भागीदारी से तेजी से प्रोजेक्ट

ऊर्जा दक्ष और आधुनिक सुविधाओं वाले आवास

मध्यप्रदेश में सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल मकानों की दिशा में यह बड़ी पहल मानी जा रही है। यदि 55 लाख प्रॉपर्टी डेटा पर आधारित यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शहरी परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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