पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े! नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया
Saturday, Oct 03, 2026-04:29 PM (IST)
भोपाल। देश में ईंधन की कीमतों को लेकर एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है। निजी तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी की ओर से पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें शनिवार सुबह से लागू हो गई हैं। कीमतों में इजाफे के बाद राजधानी भोपाल में नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल अब 119.54 रुपए प्रति लीटर, जबकि डीजल 102.64 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। यानी वाहन चालकों को अब पेट्रोल और डीजल के लिए पहले की तुलना में ज्यादा राशि चुकानी होगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कच्चे तेल की कीमत का असर
कंपनी के इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को प्रमुख वजह बताया गया है। कच्चे तेल की लागत बढ़ने के बाद रिटेल बिक्री कीमत और कंपनी की लागत के बीच अंतर बढ़ रहा था। इसी अंतर को कम करने के लिए नायरा एनर्जी ने ईंधन के दाम संशोधित किए हैं।
इस साल भी कंपनी इससे पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव कर चुकी है। मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा था। इसके बाद 26 मार्च को नायरा एनर्जी ने पेट्रोल 5 रुपए और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा किया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार आने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद कंपनी ने राहत भी दी थी। 1 जुलाई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम क्रमश: 5 रुपए और 3 रुपए प्रति लीटर घटाए गए थे।
IOC, BPCL और HPCL की कीमतों में फिलहाल बदलाव नहीं
नायरा एनर्जी की ओर से कीमतें बढ़ाए जाने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपनी रिटेल कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के पेट्रोल पंपों पर मौजूदा दरें ही लागू हैं। रिलायंस की जियो-बीपी की ओर से भी इस समय कीमतों में बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
सरकारी तेल कंपनियों पर बढ़ रहा लागत का दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहने से सरकारी तेल कंपनियों की कमाई पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुमान के मुताबिक सितंबर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू रिटेल कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता रही। रिपोर्ट में सरकारी तेल कंपनियों के लिए पेट्रोल पर करीब 8 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर करीब 9 रुपए प्रति लीटर के मार्जिन दबाव का अनुमान जताया गया है। ICRA के अनुसार पेट्रोल, डीजल और LPG को मिलाकर सरकारी तेल कंपनियों को प्रतिदिन करीब 530 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।
मई में भी बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
इससे पहले मई में IOC, BPCL और HPCL ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल का हवाला देते हुए चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल 7.50-7.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी।
देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं और इनमें से 90 फीसदी से ज्यादा पर IOC, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है। ऐसे में निजी कंपनी की ओर से कीमत बढ़ाए जाने के बाद अब आगे सरकारी तेल कंपनियों के रुख पर भी उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है।

