पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री की नई पॉलिसी का विरोध शुरु, ऑटो डील संगठनों ने उठाई ये मांग
Wednesday, Jan 21, 2026-06:51 PM (IST)
उज्जैन (विशाल सिंह) : मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रदेश के सभी ऑटो डील संगठनों के अध्यक्ष और सदस्य एकत्र हुए और एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में परिवहन विभाग द्वारा पुराने वाहनों की खरीद–बिक्री को लेकर लागू किए गए नए नियमों का खुलकर विरोध किया गया।
इस बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मंसूर रज़ा भाई ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा ट्रेड लाइसेंस में किया गया संशोधन ऑटो डीलरों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन ट्रेड लाइसेंस लेने के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसमें ऐसे संशोधन किए जाएं जिससे डीलरों को भी लाभ मिल सके। उनका कहना है कि गुमास्ता लाइसेंस के आधार पर भी ट्रेड लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए।

आल व्हीकल ऑटो डील एसोसिएशन की बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यूनियन की सरकार से कुछ प्रमुख मांगें हैं। संगठन का कहना है कि वे जीएसटी के दायरे में नहीं आते और न ही वे खुद को डील ऑनर बनाना चाहते हैं। ऐसे में नए नियमों को लागू करने से पहले सरकार को डीलरों की व्यावहारिक समस्याओं को समझना चाहिए।
दरअसल, परिवहन विभाग ने आदेश जारी किया है कि नए साल से पुराने वाहनों की खरीद–बिक्री बिना ट्रेड लाइसेंस के नहीं की जा सकेगी। 1 जनवरी 2026 से प्रदेश में कोई भी डीलर बिना ट्रेड लाइसेंस पुराने वाहन नहीं बेच पाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग से ऑथराइजेशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
मंत्रालय की वर्ष 2022 की अधिसूचना के तहत केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 में नियम 55ए से 55एच जोड़े गए हैं। ट्रेड लाइसेंस के लिए डीलर को आरटीओ कार्यालय में 25 हजार रुपये का शुल्क जमा करना होगा। वहीं, नए प्रावधानों के अनुसार वाहन स्वामी को पुराना वाहन बेचते समय फॉर्म-29सी भरना अनिवार्य होगा। ऑटो डील संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

