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सालों से एक स्टेशन पर जमे पुलिसकर्मियों पर स्ट्राइक तैयारी पूरी,तबादला सूची की भनक लगते ही फूले हाथ-पांव,कई सेटिंग में जुटे

Thursday, Jun 04, 2026-09:07 PM (IST)

रायसेन( शिवलाल यादव): जिले के पुलिस विभाग में वर्षों से एक ही शाखा और एसडीओपी अनुभाग में जमे पुलिसकर्मियों को हटाने की कवायद तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के बाद ऐसे पुलिस महकमे के कर्मचारियों की गोपनीय सूची तैयार की जा रही है, जो आठ से दस वर्षों से एक ही स्थान या अनुभाग में पदस्थ हैं। इस कार्रवाई की भनक लगते ही पुलिस विभाग के भीतर हलचल बढ़ गई है। और लंबे समय से प्रभावशाली माने जाने वाले कई पुलिसकर्मी अपने पद बचाने के लिए जोड़-तोड़ में जुट गए हैं।

डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश के बाद एक ही पुलिस थाना पुलिस चौकी पुलिस अनुभाग में चार साल या उससे ज्यादा समय से जो पुलिसकर्मी तैनात हैं जल्द हटाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों को बदलकर प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसी के तहत जिले में विभिन्न शाखाओं, कार्यालयों और पुलिस अनुभागों के थानों में वर्षों से कार्यरत पुलिस कर्मचारियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सूची तैयार करने का काम गोपनीय तरीके से किया जा रहा है ।ताकि किसी प्रकार का दबाव या हस्तक्षेप न हो सके।

हालांकि सूची तैयार होने से पहले ही विभाग में जन चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पुलिस महकमे के जानकारों का कहना है कि कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जो पिछले चार या आठ से दस वर्षों से एक ही पुलिस अनुभाग में कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारी विभागीय कामकाज के साथ-साथ प्रभावशाली नेटवर्क के कारण महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बने हुए हैं। बहरहाल अब सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानांतरण नीति समय-समय पर लागू होती रही है, तब आखिर कुछ पुलिस कर्मचारियों ने एक ही अनुभाग में पूरा दशक कैसे बिता दिया।

विभागीय सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक सूची में कई ऐसे नाम शामिल किए गए हैं जो लंबे समय से जमे हुए हैं। लेकिन कुछ कर्मचारियों के नाम सूची से बाहर होने की जन चर्चा भी जोर पकड़ रही है। इससे निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस विभाग के भीतर यह चर्चा आम है कि कुछ "कारखास" कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जबकि अन्य कर्मचारियों पर स्थानांतरण की तलवार लटक रही है।

सूत्र बताते हैं कि जैसे-जैसे सूची अंतिम रूप लेने की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे संबंधित कर्मचारी अपने संपर्कों और प्रभाव का उपयोग करने में जुट गए हैं। कोई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर रहा है तो कोई अपने पक्ष में सिफारिशें जुटाने का प्रयास कर रहा है। विभागीय गलियारों में यह भी चर्चा है कि कई कर्मचारी अपनी वर्तमान पदस्थापना को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विभाग में लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में समय-समय पर स्थानांतरण प्रशासनिक व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा माना जाता है। अब सभी की निगाहें उस अंतिम सूची पर टिकी हैं। जिसे जल्द जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि सूची में वास्तव में सभी लंबे समय से जमे कर्मचारियों को शामिल किया जाता है तो जिले के पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। वहीं यदि कुछ प्रभावशाली नाम बाहर रह जाते हैं तो पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना तय माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस विभाग के भीतर तबादलों की चर्चा सबसे बड़ा विषय बनी हुई है और लंबे समय से एक ही अनुभाग में जमे कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। आने वाले दिनों में जारी होने वाली सूची कई कर्मचारियों के भविष्य की दिशा तय कर सकती है। जिले के चारों पुलिस अनुभागों के पुलिस कर्मियों की तबादला सूची तैयार हो चुकी है। स्थानांतरण सूची जारी की जाएगी। जल्द ही पुलिस अनुभाग के कर्मचारी इधर से उधर हो जाएंगे। आशुतोष गुप्ता एसपी रायसेन


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Desh Raj

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