पुलिस थाना बना स्कूल, FIR के साथ बच्चों का भविष्य संवार रही पुलिस
Sunday, Jan 11, 2026-12:39 PM (IST)
रीवा। जहां आमतौर पर थानों में सायरन, शिकायतें और FIR की आवाज़ें गूंजती हैं, वहीं मध्य प्रदेश के रीवा जिले का अमहिया पुलिस स्टेशन इन दिनों बच्चों की किलकारियों और “A for Apple, B for Ball” से गूंज रहा है। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि पुलिस की एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल है।
यहां अब सिर्फ अपराध दर्ज नहीं होते, बल्कि भविष्य भी लिखा जा रहा है। बीते आठ महीनों से अमहिया थाना हर शाम एक स्कूल में तब्दील हो जाता है, जहां आसपास के 100 से अधिक जरूरतमंद बच्चे मुफ्त शिक्षा पा रहे हैं।
खाकी का डर नहीं, भरोसे का रिश्ता बना रहा थाना
थाना प्रभारी शिव अग्रवाल की पहल पर शुरू हुई इस मुहिम में पुलिसकर्मी खुद अपनी जेब से पैसे जोड़ते हैं। शाम 4 से 6 बजे तक थाने के परिसर में क्लास लगती हैं। शुरुआत चादरों पर बैठकर पढ़ने से हुई थी, लेकिन आज यह जगह पूरे स्कूल जैसा माहौल बन चुकी है।
शिव अग्रवाल कहते हैं
“लोग पुलिस से डरते हैं। जब बच्चे यहां पढ़ते हैं, तो उनके माता-पिता पुलिस का एक अलग, संवेदनशील चेहरा देखते हैं। यह हमारे लिए भी सबसे बड़ा स्ट्रेस बस्टर है।”
पुलिस के सहयोग से चल रहा स्कूल, डोनेशन से दूरी
यह स्कूल किसी NGO या बाहरी फंडिंग से नहीं, बल्कि पूरी तरह पुलिसकर्मियों के योगदान से चल रहा है। जानबूझकर किसी तरह के डोनेशन से दूरी रखी गई है, ताकि पहल सरल और पारदर्शी बनी रहे।
यहां पढ़ाने वाले तीन शिक्षकों में एक वरिष्ठ पूर्व शिक्षक भी हैं, जिन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव में इस स्कूल ने फिर से सम्मान और उद्देश्य दिया है।
अंग्रेज़ी, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर फोकस
बच्चों को तीन बैचों में पढ़ाया जाता है।
रोज़ 15 मिनट की इंग्लिश स्पीकिंग क्लास
हर रविवार पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेशन
टीचर आयुष अवस्थी बताते हैं
जो बच्चे पहले अपना नाम तक ठीक से नहीं लिख पाते थे, आज वे बेसिक इंग्लिश बोल रहे हैं और पूरे आत्मविश्वास के साथ सवाल पूछते हैं।
थाना बना बच्चों की सबसे पसंदीदा जगह

