MP में राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रीमंडल विस्तार पर फिलहाल विराम, फिर बढ़ी दावेदारों की धड़कनें
Monday, Mar 16, 2026-10:16 PM (IST)
(भोपाल): देश के पांच राज्यों में विधानसभा का बिगुल बज चुका है और राजनीतिक पार्टियां चुनाव के लिए कमर कस चुकी हैं। लेकिन इस चुनावी प्रक्रिया का असर मध्य प्रदेश में पड़ता दिख रहा है। दरअसल पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ मध्य प्रदेश में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों पर फिलहाल विराम सा लगता दिख रहा है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के ऐलान की वजह से टल सकता है विस्तार
अब बीजेपी और बीजेपी नेतृत्व चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त हो जाएंगे और चुनावी राज्यों में उनको प्रचार और काम करने के लिए भी जाना पड़ेगा। वहीं चुनावी घोषणा के साथ ही निगम-मंडल से लेकर मंत्रि मंडल के विस्तार को लेकर संभावित फेरबदल भी टलता दिख रहा है। इससे उम्मीद की राह देख रहे नेताओं की धड़कनें बढ़ गई दी है। वैसे नेताओं को भी लगने लगा है कि राज्यों के चुनावों की वजह से उनकी नियुक्तियां एक बार फिर से न टल जाएं। चुनावी ऐलान के साथ ही दावेदारों की धुकधुकी भी बढ़ती जा रही है। वहीं ये बातें भी सामने आने लगी है कि चुनावी तारीखों ने उनका टेंशन बढ़ा दिया है। इसलिए पद के दावेदार अपने संपर्क और अपने स्तर पर ही राजधानी दिल्ली और भोपाल में सीनियर नेताओं से जानकारी ले रहे हैं।
सीएम सहित ही कई मंत्री कर चुके हैं आलाकमान से मुलाकात
पिछले दिनों में सीएम मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल भी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को उनके बयानों के लिए दिल्ली तलब किया था।
मंत्रियों की रिपोर्ट भी फेरबदल में निभा सकती है भूमिका
गौर करने वाली बात है कि मोहन यादव ने सीएम अपने के बाद दिसम्बर 25, 2023 को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। मौजूदा समय में दो उप मुख्यमंत्रियों को मिला 20 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री स्वमंत्र प्रभार सहित 4 राज्य मंत्री है। यहां भी गौर करने वाली बात है कि पहली बार चुनाव जीते विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया था। अब इतने लंबे समय से कुछ सीनियर विधायकों को मौका नहीं मिला था।
फिलहाल कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में दूसरे राज्यों मे चुनावों के चलते राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रीमंडल विस्तार पर विराम लग सकता है।

