बजट 2026 पर धमधा की सियासत गरमाई, भाजपा ने गिनाईं उपलब्धियां, कांग्रेस का तंज
Saturday, Feb 28, 2026-11:11 AM (IST)
धमधा (हेमंत पाल): साल 2026 के बजट को लेकर धमधा नगर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी इसे जन कल्याणकारी और विकासोन्मुखी बजट बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे जुमलों का पुलिंदा करार देते हुए कई बिंदुओं पर सवाल खड़े किए हैं। नगर के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने तरीके से बजट पर प्रतिक्रिया दी है।
राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹1.60 लाख करोड़ (अनुमानित) का बजट प्रस्तुत किया गया। सरकार का दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा और संतुलित बजट है, जिसमें विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष फोकस रखा गया है
ग्रामीण और नगरीय सड़कों के निर्माण व मरम्मत के लिए विशेष प्रावधान
नगर निकायों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अतिरिक्त अनुदान
पेयजल योजनाओं के विस्तार हेतु अलग मद
कृषि और ग्रामीण विकास
किसानों के लिए ब्याज अनुदान योजना जारी
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की निरंतरता
सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट में वृद्धि

शिक्षा
नए विद्यालय भवन और डिजिटल क्लासरूम
छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने विशेष फंड
स्वास्थ्य
जिला अस्पतालों के उन्नयन की घोषणा
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति
नई स्वास्थ्य योजनाओं के लिए अलग प्रावधान
महिला एवं सामाजिक सुरक्षा
महिला स्व सहायता समूहों को प्रोत्साहन
पेंशन योजनाओं के लिए बजट में वृद्धि
भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह बजट सर्वसमावेशी और विकास आधारित है। उनके अनुसार धमधा सहित पूरे क्षेत्र में सड़कों, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस काम होंगे। किसानों और महिलाओं के लिए यह बजट वरदान साबित होगा। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि इस बजट से धमधा नगर पंचायत और आसपास के गांवों को सीधे लाभ मिलेगा।
कांग्रेस का तंज
कांग्रेस के नगर पदाधिकारियों ने बजट को लेकर सवाल उठाते हुए कहा: घोषणाएं बड़ी-बड़ी हैं, लेकिन ज़मीन पर कितना उतरेगा यह देखने वाली बात होगी। पिछली घोषणाओं का क्या हुआ, इसका हिसाब पहले दिया जाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बजट में बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर ठोस राहत का अभाव है।
धमधा के जनप्रतिनिधियों की राय
कुछ पार्षदों ने इसे नगर विकास के लिए सकारात्मक बताया। वहीं विपक्षी पार्षद ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्पष्ट परियोजना सूची सामने आनी चाहिए। व्यापारियों और किसानों में भी बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।

