MP की इस महिला ने 20 लाख कर्ज लिया, बिजनेस शुरु किया,अब हर महीने कमा रही 3 लाख रुपये,इस योजना से बदली जिंदगी
Tuesday, Feb 24, 2026-06:31 PM (IST)
(भोपाल): कहते हैं कि इंसान कुछ भी करने की सोच ले तो कोई ताकत उसे लक्ष्य पर पहुंचने से रोक नहीं सकती है। आदमी की इच्छा शक्ति ही उसे किसी मुकाम पर पहुंचाती है। एक ऐसे ही जज्जे की कहानी है प्रेमलता पाटीदार की। जिन्होंने 20 लाख का कर्ज लेकर बिजनेस शुरु किया और अब 3 लाख महीना तक कमा रही हैं। जो औरत घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं अब वो एक सफल उद्यमी के रूप में अलग पहचान बना चुकी हैं।
नीमच जिले के बमोरा गांव की प्रेमलता पाटीदार ने जो करके दिखाया है वो कइयों के लिए प्रेरणा स्तोत्र बन गई हैं। वे कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं लेकिन अब एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। प्रेमलता पाटीदार उद्यमी बनना चाहती थीं लेकिन पैसों की कमी आड़े आती थी। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने दिशा दिखाई। इसके लिए प्रेमलता पाटीदार ने कर्ज लेकर काम शुरु किया। शुरुआत में उनके लिए कई दिक्कतें आईं लेकिन समय और मेहनत के साथ उन्होंने सब पार कर लिया। और अब वे हर माह लाखों रुपए कमाती हैं ।
पीएमएफएमई योजना से प्रेमलता को हौंसला दिया
प्रेमलता पाटीदार ने बताया कि वो कुछ अलग करना चाहती थीं लेकिन पैसे और संसाधनों की कमी उनका रास्ता रोक रही थीं। इस दौरान उनको उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। प्रेमलता पाटीदार इस योजना में लोन के लिए आवेदन कर दिया और धीरे-धीरे अपने सपनों को पंख लगाने शुरु कर दिए।
खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई और कोकोनट ऑयल से सपनों की ओर बढ़ी
प्रेमलता पाटीदार ने 23.61 लाख रुपए की लागत से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। उद्योग की स्थापना के लिए उन्होंने 20 लाख रुपए का कर्ज लिया। हालांकि शासन की ओर से उन्हें करीब साढ़े 8 लाख रुपए का अनुदान भी मिला।
प्रेमलता पाटीदार ने कोकोनट ऑयल का भी काम किया और अपने उत्पाद को बाजार में उतारा।मेहनत और हौंसले से व्यवसाय तेजी से बढ़ा। आज मासिक टर्नओवर करीब 8 से 10 लाख रुपए का है और वो 2 से 3 लाख रुपए हर महीने अपनी शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यहीं नहीं उन्होंने अपने काम उद्योग में 7 लोगों को रोजगार भी दिया है। तो इस तरह से एक औरत के हौंसलों और मेहनत ने वो मुकाम हासिल करवा दिया जिसका प्रेमलता पाटीदार सपने देखती थीं।

