EOW की बड़ी कार्रवाई: PWD के कार्यपालन यंत्री के ठिकानों पर छापेमारी, 11 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
Thursday, Sep 03, 2026-06:19 PM (IST)
भोपाल/जबलपुर (इजहार खान) : आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने लोक निर्माण विभाग, बालाघाट में पदस्थ कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। EOW की तीन टीमों ने 3 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6 बजे भोपाल, बालाघाट और छिंदवाड़ा स्थित आवास एवं परिसरों पर एक साथ सर्च शुरू की। EOW के अनुसार, कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

अब तक 11 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
सर्च कार्रवाई में अब तक आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर करीब 11 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की बात EOW ने कही है। इसमें—
छिंदवाड़ा में जमीन एवं मकान – करीब 3 करोड़ रुपये
नकद राशि – 7.50 लाख रुपये
घरेलू सामान की इन्वेंट्री – करीब 1 करोड़ रुपये
350 ग्राम सोने के आभूषण – करीब 52 लाख रुपये
चांदी के आभूषण – करीब 1.20 लाख रुपये
महिंद्रा XUV 700 – करीब 22 लाख रुपये
महिंद्रा स्कॉर्पियो – करीब 27 लाख रुपये
तीन मोटरसाइकिलें – करीब 4 लाख रुपये
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स – करीब 1.50 करोड़ रुपये
फार्म हाउस और कृषि उपकरण भी मिले
छिंदवाड़ा स्थित फार्म हाउस की सर्च में जमीन एवं निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा करीब 8 लाख रुपये का महिंद्रा ट्रैक्टर, 1.50 लाख रुपये की ट्रॉली और 5 लाख रुपये के अन्य कृषि उपकरण बताए गए हैं।
वहीं बालाघाट स्थित शासकीय आवास से 2.50 लाख रुपये नकद तथा भोपाल स्थित आवास से करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि एवं मकान और करीब 3.50 लाख रुपये का घरेलू सामान सामने आया है।
12 बैंक खातों की भी जांच
EOW के मुताबिक आरोपी और उसके परिजनों के नाम से विभिन्न बैंक शाखाओं में 12 बैंक खाते संचालित होने की जानकारी मिली है। इन खातों में जमा राशि की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा दस्तावेज, बैंक खातों, नकदी और अन्य संपत्तियों से संबंधित सर्च अभी जारी है।
EOW का कहना है कि जांच के दौरान और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। अब तक मिले दस्तावेजों और संपत्तियों के आधार पर अनुपातहीन संपत्ति का अनुमान करीब 11 करोड़ रुपये लगाया गया है।



