ED की सात ठिकानों पर छापेमारी! पटवारी संघ के पूर्व प्रदेश पदाधिकारी, पूर्व CM के PA-OSD, नायब तहसीलदार जांच के घेरे में
Tuesday, Sep 01, 2026-08:27 PM (IST)
रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को राज्य में सात ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए रहे केके चंद्रवंशी, पूर्व ओएसडी चेतन बोरघारिया और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत से जुड़े परिसर शामिल हैं। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब छह बजे दो-तीन वाहनों से भिलाई स्थित केके चंद्रवंशी के आवास पहुंची और दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री की जांच शुरू की। आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। दुर्ग के सिकोला भाठा की बंगाली कॉलोनी स्थित कमलेश सिंह राजपूत के आवास पर करीब आठ अधिकारियों की टीम दो वाहनों से पहुंची।
पटवारी संघ के प्रदेश पदाधिकारी रह चुके राजपूत के परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल किए जाने की सूचना है। उनकी दो बेटियां पटवारी, एक बेटी उपपंजीयक और बेटा नायब तहसीलदार हैं। इन नियुक्तियों में किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छापेमारी अथवा दस्तावेजों की जांच मात्र से संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध नहीं होते हैं। ईडी की ओर से मौजूदा कारर्वाई में केके चंद्रवंशी, चेतन बोरघारिया अथवा कमलेश सिंह राजपूत की कानूनी स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान फिलहाल सामने नहीं आया है।
पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे चेतन बोरघारिया के दो ठिकानों पर भी कारर्वाई की गई है। वर्तमान में बलरामपुर के अपर कलेक्टर बोरघारिया से बलरामपुर सकिर्ट हाउस में पूछताछ किए जाने की सूचना है, जबकि धमतरी के अमलतास पुरम स्थित उनके आवास पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ईडी की मौजूदा कारर्वाई सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के खिलाफ चल रही धनशोधन जांच की अगली कड़ी मानी जा रही है। सोनवानी को 25 जुलाई को प्रश्नपत्र लीक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी की जांच 2024 में सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर पर आधारित है और 2020 तथा 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक एवं चयन संबंधी अनियमितताओं से जुड़ी है। ईडी का आरोप है कि सोनवानी ने कथित रूप से प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने में भूमिका निभाई तथा इसके बदले रिश्वत का लेन-देन हुआ। एजेंसी इस कथित लेन-देन और उससे कुछ उम्मीदवारों तथा रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाए जाने के पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं हुआ है। इससे पहले सीबीआई ने सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन का आरोप लगाया है।
सीबीआई के अनुसार सोनवानी के कार्यकाल में हुई भर्तियों में उनके करीबी रिश्तेदारों तथा कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों के चयन की जांच की गई है। एजेंसी का आरोप है कि सोनवानी ने परीक्षा के प्रश्नपत्र अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए थे। सीबीआई का यह भी आरोप है कि तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को दिया और उनके बेटे शशांक तथा बहू भूमिका ने इसके आधार पर तैयारी की। दोनों का बाद में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन हुआ। ये आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और सोनवानी फिलहाल जेल में बंद हैं। इसी प्रकरण में मंगलवार को सुप्रीम कोटर् ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को जमानत दी है। जमानत दिए जाने का अर्थ मामले के आरोपों पर अंतिम निर्णय नहीं है और संबंधित आपराधिक कार्यवाही कानून के अनुसार जारी रहेगी। सीजीपीएससी परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2 हजार 565 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी सफल हुए और साक्षात्कार के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी।

