Punjab Kesari MP ads

सीधी में बारिश ने मचाई तबाही! घरों में घुसा पानी और उफान पर नदी-नाले; कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण, दिए ये निर्देश

Thursday, Sep 03, 2026-11:55 AM (IST)

सीधी (सूरज शुक्ला): एमपी के सीधी जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं, सीधी नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 19 थनहवाटोला में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि बीती रात कई घरों में रखा सामान पानी में तैरने लगा। भयभीत लोग घरों में सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन का अमला आधी रात प्रभावित क्षेत्र में पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की।

सुबह कलेक्टर ने किया निरीक्षण

गुरुवार सुबह कलेक्टर विकास मिश्रा भी वार्ड क्रमांक 19 के प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान हिरण नदी के आसपास हुए अतिक्रमण को जल निकासी में बाधा का प्रमुख कारण बताया गया। कलेक्टर ने राजस्व विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों को हिरण नदी में किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए हटाने के निर्देश दिए, ताकि नदी का प्रवाह सुचारु हो सके और बारिश के दौरान पानी की निकासी में परेशानी न हो।

हर साल घरों में घुसता है पानी, लोगों ने उठाए सवाल

जलभराव से प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में हिरण नदी का पानी बढ़ने के साथ आसपास के घरों में पानी घुस जाता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी हर वर्ष मौके पर पहुंचते हैं, निरीक्षण करते हैं और नदी के अतिक्रमण हटाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होती।

एक महिला ने बताया कि बारिश के कारण उसका घर गिर गया है। मजबूरी में उसे अपना घर छोड़कर किराये के मकान में रहना पड़ रहा है। महिला का कहना था कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनती है और लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है। यदि समय रहते हिरण नदी के अतिक्रमण को हटाकर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हिरण नदी के प्रवाह क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ष बारिश में होने वाले जलभराव और संपत्ति के नुकसान से लोगों को राहत मिल सके।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vandana Khosla

Related News