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नए राजनीतिक समीकरणों का केंद्र बनेगी राजा हृदय शाह जयंती, उमा भारती -प्रहलाद पटेल साझा करेंगे मंच, लोधी समाज दिखाएगा ताकत

Sunday, Apr 26, 2026-08:42 PM (IST)

भोपाल: मध्य प्रदेश में एक सियासी समीकरण चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल 28 अप्रैल को होने वाले वीर शिरोमणि, बलिदानी महाराजा हृदयशाह का जयंती कार्यक्रम चर्चा में आता जा रहा है। भोपाल में प्रस्तावित ये कार्यक्रम अब केवल एक सामाजिक आयोजन ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में नए संकेतों और समीकरणों का केंद्र बनता नजर आ रहा है।

भोपाल के जंबूरी मैदान में होने वाली शौर्य यात्रा को आधिकारिक तौर पर स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही जनजातीय वीरों को सम्मान देने का कार्यक्रम बताया जा रहा है, लेकिन इस कार्यक्रम ने राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है।

दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रहलाद पटेल और उमा भारती की मौजूदगी ने इसे लोधी समाज के शक्ति प्रदर्शन से जोड़ दिया है जो अब चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाइगर हिरदेशाह शोध संस्था और गोंड महासभा द्वारा किया जा रहा है।  कार्यक्रम में मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे, जबकि प्रहलाद पटेल अध्यक्षता करेंगे। वहीं इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी इसमे शामिल हो सकती हैं।

वहीं चर्चा हो रही है कि यदि उमा भारती और प्रहलाद पटेल एक मंच साझा करते हैं तो इसे भाजपा के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों के तौर पर देखा जा सकता है। गौर करने वाली बात है कि उमा भारती एक बार फिर राजनीति में एक्टिव हो चुकी हैं और लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जता चुकी है।

यदि इस कार्यक्रम में उमा भारती, मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रहलाद पटेल एक साथ मंच साझा करते हैं, तो यह केवल एक फोटो फ्रेम नहीं बल्कि तीनों नेताओं की उपस्थिति कई संकेत देगी।

मोहन यादव के लिए यह कार्यक्रम सामाजिक संतुलन और राजनीतिक सदेश का मौका होगा, प्रहलाद पटेल, जो खुद लोधी समाज से आते हैं, उनके लिए यह आयोजन एक अलग तरह का आय़ाम स्थापित करने का मौका होगा। वैसे तो ये कार्यक्रम लोधी समाज का एकजुटता प्रदर्शन लगता है, लेकिन इन नेताओं की मौजूदगी जो संदेश देगी वो अलग तस्वीर पेश करेगी।


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Content Writer

meena

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