कांग्रेस में बढ़ी टेंशन! अपनों के खिलाफ बगावत पर उतरे पार्षद, अनशन पर बैठे
Monday, Jan 19, 2026-07:36 PM (IST)
सीधी (सूरज शुक्ला) : नगर पालिका परिषद में उस समय सियासी घमासान मच गया, जब अपने ही अध्यक्ष पर प्रताड़ना और भेदभाव का आरोप लगाते हुए वार्ड पार्षद नगर पालिका कार्यालय परिसर में अनशन पर बैठ गए। आज आयोजित पीआईसी (प्रेसिडेंट इन काउंसिल) की बैठक के दौरान असंतुष्ट पार्षदों ने वार्डों की लगातार अनदेखी का मुद्दा उठाया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए और धरने पर बैठ गए।
अनशन पर बैठे पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा द्वारा चुनिंदा वार्डों में ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि अन्य वार्डों को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है। न तो उनके वार्डों से जुड़े प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किए जाते हैं और न ही मूलभूत समस्याओं पर कोई ठोस कार्यवाही होती है। पार्षदों ने दो टूक कहा कि “या तो हमारे वार्डों में समान रूप से विकास कार्य हों, या फिर अध्यक्ष नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दें।”

इस अनशन में तीन कांग्रेसी पार्षदों के साथ एक निर्दलीय पार्षद हल्के सोनी भी शामिल रहे। गौरतलब है कि सीधी नगर पालिका परिषद में कुल 24 वार्ड हैं, जिनमें से 18 वार्डों में कांग्रेस के पार्षद निर्वाचित हैं। इसके बावजूद कांग्रेस के ही पार्षदों का इस तरह खुलकर विरोध करना परिषद के भीतर गहरी आंतरिक कलह की ओर इशारा करता है।
वार्ड क्रमांक 17 की पार्षद सोनम सोनी ने कहा कि वह कांग्रेस की पार्षद होते हुए भी खुद को “अनाथ” महसूस कर रही हैं। उनके वार्ड की सड़कों को खोदकर बर्बाद कर दिया गया, लेकिन न तो अध्यक्ष और न ही सीएमओ ने कोई कार्यवाही की। विरोध करने पर भी उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे मजबूर होकर उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
वहीं वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद कुमिदनी सिंह ने आरोप लगाया कि जी-हुजूरी न करने की सजा उन्हें और उनके वार्ड को भुगतनी पड़ रही है। नालियों सहित कई बुनियादी समस्याएं वर्षों से जस की तस हैं। उन्होंने नगर पालिका में कर्मचारियों के डाटा और भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
इधर, नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि सभी वार्डों में समान रूप से कार्य किया जा रहा है और परिषद के सभी फैसले सहमति से लिए जाते हैं। फिलहाल पार्षद अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

