परिवहन विभाग घोटाले में सौरभ शर्मा को मिली जमानत, कांग्रेस के विरोध पर BJP का पलटवार
Wednesday, Apr 02, 2025-03:22 PM (IST)

भोपाल (इजहार हसन) : मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित परिवहन घोटाले में लोकायुक्त ने 60 दिन बाद भी चालान पेश नहीं कर पाई है, जिसके चलते सौरभ शर्मा और उसके साथियों को भोपाल सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद भी सभी जेल में ही रहेंगे। इस मामले की जांच तीन-तीन ऐजेंसियां कर रही हैं लेकिन अभी तक सभी एजेंसियों के हाथ लगभग खाली हैं। सौरभ शर्मा, चेतन सिंह और शरद जायसवाल के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राजधानी भोपाल में मिली एक इनोवा गाड़ी थी। इसमें 52 किलो सोना और करोड़ों रुपए कैश बरामद हुआ था। जांच एजेंसियों की लगातार पूछताछ के बाद भी अब तक यह खुलासा नहीं हो पाया है कि यह सोना और कैश किसका था। परिवहन घोटाले के आरोप में जेल में बंद सौरभ शर्मा, चेतन सिंह और शरद जायसवाल को भोपाल सेशन कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस जमानत को देने के पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि भोपाल लोकायुक्त पुलिस जो कि इस पूरे मामले की पहली जांच एजेंसी थी, जिसने सबसे पहले सौरभ शर्मा के ठिकाने पर कार्रवाई की थी।
लोकायुक्त को 60 दिनों में कोर्ट में चालान पेश करना था लेकिन वह अब तक चालान पेश नहीं कर सकी और सेशन कोर्ट ने जमानत दे दी। इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शिवम् शुक्ला ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में सख्त है और यही वजह है कि सौरव शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है क्योंकि मामला संगीन है। इसलिए चालान पेश करने में टाइम लगा है। जहां तक जमानत मिलने का सवाल है तो जमानत कोर्ट ने दी है। कोर्ट के फैसले पर उंगली उठाना गलत है। इस मामले में कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।