आज के दौर में कोई सरपंची तक नहीं छोड़ता लेकिन कमलनाथ सरकार गिराने में जाटव समाज ने विधायकी और मंत्री पद छोडे-सिंधिया

Sunday, Jan 11, 2026-11:27 PM (IST)

(डेस्क): केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने शिवपुरी दौरे के अंतिम दिन कई कार्यक्रमों और सम्मेलन में भाग लिया। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक ली।  वहीं सिंधिया ने पिछोर में जाटव समाज के सम्मेलन में शिरकत की और कई बडी बातें बोली।

कमलनाथ सरकार गिराने में मदद करने वाले नेताओं का किया आभार

सिंधिया ने पिछोर में जाटव समाज के सम्मेलन में शिरकत की और कई बडी बातें बोली। इस मौके पर सिंधिया ने जाटव समाज के साथ अपनी दिल का रिश्ता और अपनापन बताया। वहीं सिंधिया ने वो दौर भी याद किया जब उन्होंने कमलनाथ सरकार गिराई थी।

जाटव समाज सम्मेलन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ सरकार गिरने की घटना को याद किया और उन नेताओं का आभार जताया जिन्होंने उनका साथ देकर  मदद की थी। इस मौके पर सिंधिया ने जाटव समाज की तारीफ करते हुए उनके त्याग को याद किया। जाटव समाज के नेताओं की तारीफ करते हुए सिंधिया ने कहा कि उन्हें आज भी गर्व है कि जब दिग्विजय और कमलनाथ ने सिंधिया परिवार के मुखिया को चुनौती दी थी, तब जाटव समाज के लोग हमारे साथ खड़े हुए थे।

शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष और करेरा से पूर्व विधायक जसवंत जाटव को योद्धा बताते हुए सिंधिया ने कहा कि आज के दौर में कोई सरपंची पद से इस्तीफा नहीं देता लेकिन जसवंत ने तो विधायकी दांव पर लगा दी थी। सिंधिया ने कहा कि उस वक्त केवल जसवंत जाटव ने ही नहीं, बल्कि 6 कैबिनेट मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था और उनमें भी 3  मंत्री जाटव समाज के थे। सिंधिया भावुक दिल से बोले कि मैं इस समाज के सामने नतमस्तक हूं ।

इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी  और तुलसी सिलावट की भी तारीफ की

सिंधिया ने कहा कि कमलेश जाटव, जसवंत जाटव, रणवीर जाटव, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट, रक्षा सिरोनिया ने मेरा साथ दिया था । इस समाज  को लोगों को मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि भले ही मेरा जन्म जाटव समाज में नहीं हुआ लेकिन मगर दिल और खून से जाटव समाज का हूं। सिंधिया के इतना कहते ही तालियां बजने लगीं।

 


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Desh sharma

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