मोहन के बजट को कमलनाथ ने बताया विश्वासघात,बोले-पिछले बजट की घोषणाएं पूरी नहीं और फिर घोषणांए
Wednesday, Feb 18, 2026-02:58 PM (IST)
भोपाल (इजहार खान): मोहन सरकार के बजट को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनता से विश्वासघात वाला बजट करार दिया है। कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने बातों के बताशे बनाए लेकिन जनहित सफाचट है।
बातों के बताशे बनाए,जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट-कमलनाथ
मध्य प्रदेश विधानसभा में आज पेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।
नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।
कमलनाथ ने बीजेपी को चुनावों के पहले के वादे याद दिलाए
कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश की जनता से किए कई वादों में से चार प्रमुख वादे किए याद दिलाए हैं,
1-किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल
2-किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल
3-लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपया
4- घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में देने का वादा
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है। इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया।
वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है। इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हज़ार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया।
इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है।

