60 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे शिवराज! PM मोदी के ‘ईंधन बचाओ’ संदेश पर उठे सवाल, रायसेन दौरे की तस्वीरें बनीं चर्चा का विषय
Monday, Jun 01, 2026-03:37 PM (IST)
रायसेनः केंद्र सरकार जहां एक ओर ईंधन बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दे रही है। वहीं, सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के रायपुर रमासिया दौरे के दौरान वाहनों के लंबे काफिले ने कई सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे केंद्रीय मंत्री विधायक सांची डॉ प्रभुराम चौधरी के काफिले में सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के तहत शामिल वाहनों के अलावा जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों की लग्जरी गाड़ियां भी बड़ी संख्या में दिखाई दीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केंद्रीय मंत्री चौहान के आगमन के दौरान 60 से अधिक वाहनों का लंबा काफिला ग्राम पंचायत मुख्यालय तक पहुंचा। काफिले में एस्कॉर्ट और हूटर लगे वाहनों के साथ सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत बबलू मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रदेश उपाध्यक्ष जमना सेन सहित अन्य नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी शामिल रहे। काफिले की लंबी कतारें रायसेन शहर और कार्यक्रम स्थल के आसपास लोगों के बीच जनचर्चा का विषय बनी रहीं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील कर रहे हैं। तब वीआईपी दौरों में वाहनों की संख्या कम करने की दिशा में गंभीर प्रयास क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश की डॉ मोहन सरकार भी समय-समय पर सरकारी खर्चों में कटौती और अनावश्यक वाहन उपयोग को सीमित करने की बात कहती रही है। ऐसे में मंत्री और विधायक जनप्रतिनिधियों के दौरों में बड़ी संख्या में वाहनों की मौजूदगी आम लोगों के बीच जनचर्चा का कारण बन रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या कम करें तो प्रतिवर्ष हजारों लीटर डीजल-पेट्रोल की बचत हो सकती है। इससे न केवल सरकारी खजाने पर पड़ने वाला खर्च घटेगा। बल्कि जनता के बीच सकारात्मक संदेश भी जाएगा।

हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कुछ वाहनों की मौजूदगी अनिवार्य मानी जाती है। लेकिन लोगों का मानना है कि समर्थकों और अन्य गैर-जरूरी वाहनों की संख्या सीमित करने पर विचार किया जाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की प्रभावशीलता तभी बढ़ेगी जब जनप्रतिनिधि स्वयं भी इन संदेशों को व्यवहार में उतारते नजर आएंगे। रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे के दौरान दिखाई दिया यह लंबा काफिला अब शहर में जनचर्चा और बहस का विषय बन गया है।

