मामा शिवराज की बुराई कर रहे थे विधायक, जनता ने टोका तो तुरंत बदले सुर, बोले- पूर्व CM अच्छे आदमी हैं!
Thursday, Oct 15, 2026-01:14 PM (IST)
सीहोर: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। सीहोर में आदिवासी परिवारों से मुलाकात के दौरान वे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच वहां मौजूद एक शख्स ने उन्हें टोक दिया। इसके बाद विधायक ने अपनी बात का रुख जिस तरह बदला, उसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना
दरअसल, कमलेश्वर डोडियार सीहोर में उन आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जो मकान तोड़े जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। यहां उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे यहां आए और महिलाओं के साथ रोने लगे, जबकि वे खुद मुख्यमंत्री रह चुके हैं। विधायक ने आदिवासी परिवारों को पट्टा दिलाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान के पास आदिवासियों को पट्टे दिलाने का अधिकार था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।
विधायक अपनी बात रख ही रहे थे कि तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया। उसने डोडियार को शिवराज सिंह चौहान के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने से रोका। शख्स ने कहा कि मामा उनके साथ खड़े रहते हैं और सुख-दुख में साथ निभाते हैं।
फिर विधायक ने क्या कहा?
शख्स की बात सुनने के बाद कमलेश्वर डोडियार ने अपने बयान का रुख बदलते हुए कहा कि उन्होंने कब कहा कि मामा जी बुरे आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने शिवराज सिंह चौहान की तुलना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से करते हुए कहा कि शिवराज सिंह उनसे हजार गुना अच्छे आदमी थे। विधायक के बयान में आए इस बदलाव के बाद वहां का घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। जिस शिवराज सिंह चौहान पर वे सवाल उठा रहे थे, उन्हीं के समर्थन में उनके मुंह से तारीफ के शब्द निकलने लगे।
विधायक की राजनीति पर उठने लगे सवाल
इस घटनाक्रम को लेकर अब राजनीतिक चर्चाओं में तंज भी कसे जा रहे हैं। कुछ लोग इसे मौके की नजाकत समझने से जोड़ रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि नेताओं को जनता के बीच बोलते समय माहौल का अंदाजा भी रखना पड़ता है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन सीहोर में विधायक कमलेश्वर डोडियार के बयान का बदला हुआ रुख चर्चा में जरूर आ गया है। अब सवाल यही है कि यह तत्काल प्रतिक्रिया थी या फिर स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए उन्होंने अपनी बात संभालने की कोशिश की।

