MP हाईकोर्ट के अहम और बड़े फैसले ने प्रोबेशन पीरियड पर काम करने वाले कर्मचारियों को दी मिली बड़ी राहत
Thursday, Jan 08, 2026-10:44 PM (IST)
(जबलपुर): जबलपुर हाईकोर्ट के एक फैसले ने प्रोबेशन पीरियड में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है। मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों के चेहरे पर इस फैसले से रौनक आ सकती है।
प्रोबेशन पीरियड पर काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती अवैध
दरअसल हाईकोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती को अवैध बताया है। कोर्ट ने इसको लेकर एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कोर्ट ने कहा है कि जिन कर्मचारियों का वेतन काटा गया है, उस राशि को एरियर सहित वापस किया जाए।
हाइकोर्ट ने GAD के सर्कुलर को भी कर दिया रद्द
वहीं हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2019 को जारी सर्कुलर भी रद्द कर दिया है। GAD के इस सर्कुलर में पहले नई भर्तियों में 70%, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे साल 90 प्रतिशत वेतन देने का प्रावधान था। इस फैसले से प्रोबेशन पीरियड पर काम करने वालों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
प्रोबेशन के नाम पर सैलरी में कटौती ठीक-हाईकोर्ट
जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोट की डिवीजन बेंच ने इस पर बेहद अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि जब सरकार कर्मचारियों से 100 प्रतिशत काम ले रही है, तो प्रोबेशन के नाम पर सैलरी में कटौती ठीक नहीं है। कोर्ट के साफ किया कि प्रोबेशन पीरियड में समान रूप से काम के लिए समान वेतन का सिद्दांत है।
प्रोबेशन पीरियड में वेतन की रिकवरी पूरी तरह अवैध
कोर्ट ने आगे कहा कि प्रोबेशन पीरियड में वेतन की रिकवरी पूरी तरह अवैध है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को शत-प्रतिशत वेतन का लाभ दिया जाए और काटी गई राशि को एरियर के रूप में लौटाया जाए। लिहाजा एमपी हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रोबेशन पीरियड में काम करने वाले कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन का लाभ मिलेगा

